बॉयलर वॉटर ट्रीटमेंट: सॉफ़्टनिंग, डीएरेशन, pH कंट्रोल

जापान से एक packaged steam boiler आता है। उसके साथ एक water-quality sheet है, जिसमें JIS B 8223 लिखा है। Conductivity mS/m में दी गई है, एक लाइन "acid consumption (pH 8.3)" की है, और feedwater व boiler water के pH की रेंज अलग-अलग हैं। पहली firing से पहले साइट पर किसी को इस sheet से काम करने लायक वॉटर ट्रीटमेंट प्रोग्राम बनाना है।
बॉयलर का वॉटर ट्रीटमेंट (mizu shori) वह काम है जिसमें पानी की hardness, dissolved oxygen, pH और घुले हुए ठोस की concentration को क़ाबू में रखा जाता है, ताकि बॉयलर में स्केल न जमे और corrosion न हो। भाप का आउटपुट स्थिर रखने के लिए पानी की तरफ़ की देखभाल उतनी ही ज़रूरी है जितनी combustion की tuning।
यह गाइड तीन मुख्य ट्रीटमेंट बताती है: सॉफ़्टनिंग, डीएरेशन और alkalinity control। इसमें यह भी है कि ब्लोडाउन से concentration कैसे क़ाबू में रहती है, और JIS B 8223 की water-quality टेबल को ASME, EN और भारत के IS 10392 के साथ रखकर कैसे पढ़ें। आख़िर में checklist, जापानी supplier से पूछने के सवाल और एक inquiry email का नमूना है।
विषय-सूची
बॉयलर वॉटर ट्रीटमेंट क्या करता है
सप्लाई या borewell के पानी में ऐसे मिनरल और गैसें घुली होती हैं जो आँख से नहीं दिखतीं। जो पानी पीने लायक़ और साफ़ है, वह बॉयलर के लिए अपने-आप ठीक नहीं होता, क्योंकि बॉयलर में वही पानी बार-बार गर्म होकर भाप बनता है।
भाप बनकर लगभग शुद्ध पानी बाहर जाता है, और घुले हुए ठोस बॉयलर के अंदर रह जाते हैं। इसलिए वॉटर ट्रीटमेंट दो चीज़ें संभालता है: अंदर जाने वाले पानी की क्वालिटी, और अंदर के पानी को कितना गाढ़ा होने देना है। Figure 1 में दिखाया है कि हर तरह का पानी साइकल में कहाँ होता है।
Figure 1: साइकल में हर तरह का पानी कहाँ होता है
मेकअप वॉटर, फ़ीडवॉटर, बॉयलर वॉटर और लौटे हुए कंडेंसेट को अलग-अलग देखें, सिर्फ़ सॉफ़्टनर के आउटलेट को नहीं।
यह सिर्फ़ समझाने वाला डायग्राम है। डीएरेटर और केमिकल डोज़िंग पॉइंट कहाँ होंगे, यह ट्रीटमेंट के तरीक़े और बॉयलर मॉडल पर निर्भर करता है।
जापानी spec sheet के शब्द भी इसी साइकल के हिसाब से हैं:
- मेकअप वॉटर (hokyusui): सिस्टम के बाहर से जोड़ा गया ताज़ा पानी
- फ़ीडवॉटर (kyusui): पंप से बॉयलर में भेजा जाने वाला पानी
- बॉयलर वॉटर (boiler-sui, जिसे kansui भी कहते हैं): बॉयलर के अंदर गर्म हो रहा पानी
- कंडेंसेट (drain या fukusui): भाप जो अपनी गर्मी देकर वापस पानी बन गई है। इसे वापस लें तो यह फ़ीडवॉटर का हिस्सा बन जाता है
वॉटर ट्रीटमेंट छोड़ दें तो दो दिक़्क़तें बढ़ती हैं: heat-transfer सतह पर ठोस जमता है, और धातु में corrosion होता है। जमाव से fuel ज़्यादा लगता है और जगह-जगह overheating होती है, जबकि corrosion से धातु पतली होकर लीकेज होता है। इनमें से कोई भी एक प्रोडक्शन रोक सकती है।
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को बॉयलर के साथ लगा हुआ सहायक सामान न समझें। इसे ऐसा equipment मानें जिसकी परफ़ॉर्मेंस चलते समय भी देखनी पड़ती है।
सॉफ़्टनिंग: hardness हटाना
सॉफ़्टनिंग (nansuika) पानी से कैल्शियम और मैग्नीशियम, यानी hardness, कम करती है। पानी के गर्म और गाढ़ा होने पर ये मिनरल अलग होकर heat-transfer सतह पर स्केल बना देते हैं।
आम सॉफ़्टनर पानी को सोडियम-फ़ॉर्म ion exchange resin से गुज़ारता है। Resin कैल्शियम और मैग्नीशियम ले लेता है और बदले में सोडियम छोड़ देता है। Figure 2 में इसके दोनों मोड दिखाए हैं।
Figure 2: सॉफ़्टनर hardness को बदलता है और नमक के घोल से रीजनरेट होता है
सर्विस और रीजनरेशन में पानी का रास्ता और resin का काम बदल जाता है।
असल रीजनरेशन में बैकवॉश और रिंस के स्टेप भी होते हैं। रीजनरेशन का waste पानी फ़ीडवॉटर बनाकर बॉयलर में नहीं भेजा जाता।
Resin एक सीमा तक ही hardness पकड़ सकता है। थक जाने पर hardness आउटलेट तक रिसने लगती है। रीजनरेशन में नमक का घोल bed से गुज़रता है और resin को फिर सोडियम-फ़ॉर्म में ले आता है, इसीलिए नमक की टंकी भरी रखनी पड़ती है।
सॉफ़्टनिंग और demineralization (पानी के लगभग सारे घुले लवण हटाना) एक चीज़ नहीं हैं। Hardness आयन सोडियम से बदलने के बाद भी पानी में घुले ठोस रहते हैं, इसलिए सिर्फ़ कम conductivity देखकर नहीं कह सकते कि सॉफ़्टनर ठीक चल रहा है।
सॉफ़्टनर का आउटलेट hardness test से जाँचें, और कच्चे पानी व ट्रीटेड पानी का रिकॉर्ड अलग-अलग रखें। टंकी में नमक बचा दिखना अच्छी परफ़ॉर्मेंस का सबूत नहीं है। रीजनरेशन साइकल और पानी की मात्रा भी देखें, तो hardness का रिसाव जल्दी पकड़ में आता है।
Hardness दिखे तो पहले सैंपल लेने की जगह और test reagent को जाँचें, फिर सॉफ़्टनर की हिस्ट्री पीछे की ओर देखें। आम कारण ये हैं:
- रीजनरेशन के लिए नमक कम पड़ना
- रीजनरेशन साइकल में गड़बड़ी
- सॉफ़्टनर की क्षमता से ज़्यादा पानी गुज़रना
- bypass से कच्चे पानी का मिल जाना
स्केल पानी की तरफ़ गर्मी का रास्ता रोकता है और धातु से पानी तक गर्मी का जाना धीमा कर देता है। उतनी ही भाप के लिए ज़्यादा fuel जलाने से धातु पर और बोझ पड़ता है, जिससे जगह-जगह overheating और ट्यूब को नुक़सान हो सकता है।
Figure 3: पतली परत भी धातु और पानी के बीच गर्मी रोकती है
जो परत गर्मी मुश्किल से आगे जाने देती है, उसके कारण धातु ज़्यादा गर्म चलती है।
परत की मोटाई और तापमान का फ़र्क़ सिर्फ़ समझाने के लिए है। डायग्राम scale में नहीं बना है और असली बॉयलर में तापमान का बँटवारा नहीं दिखाता।
पानी में ढीला बैठा स्लज और सतह से चिपका स्केल अलग चीज़ें हैं, और दोनों को हटाने के तरीक़े भी अलग हैं।
पानी की तरफ़ की गंदगी का असर economizer पर भी पड़ता है, जो flue gas की गर्मी से फ़ीडवॉटर को पहले गर्म करता है। सिर्फ़ बॉयलर को नहीं, फ़ीडवॉटर के रास्ते की हर heat-transfer सतह को देखना होता है।
डीएरेशन: घुली ऑक्सीजन हटाना
डीएरेशन (datsu-sanso) घुली ऑक्सीजन को घटाता है, ताकि फ़ीडवॉटर की पाइपिंग और बॉयलर के अंदर corrosion कम रहे। सॉफ़्टनर ऑक्सीजन नहीं हटाता, इसलिए सॉफ़्ट किए हुए पानी में भी ऑक्सीजन हटाने की ज़रूरत देखनी पड़ती है।
गर्म करके डीएरेशन में पानी को गर्म करके घुली गैसें निकाली जाती हैं और सिस्टम से बाहर वेंट कर दी जाती हैं। सिर्फ़ गर्म करना काफ़ी नहीं है। गैस कितनी आसानी से निकल पाती है और वेंट कैसे संभाला जाता है, इससे भी नतीजा तय होता है।
Figure 4 में तीन आम तरीक़ों की तुलना है और यह भी कि हर एक में क्या देखना है।
Figure 4: ऑक्सीजन हटाने के तरीक़े और क्या जाँचना है
गैस को भौतिक तरीक़े से निकालना और केमिकल से react करवाना अलग तरीक़े हैं, इसलिए इनकी निगरानी भी अलग होती है।
गर्म करने वाला या केमिकल वाला तरीक़ा सिर्फ़ बॉयलर के साइज़ देखकर न चुनें। वही कॉम्बिनेशन चुनें जो ज़रूरी पानी की क्वालिटी, फ़ीडवॉटर की हालत और प्लांट के चलने के तरीक़े से मेल खाए।
केमिकल डोज़िंग पंप चलता दिखे तो इसका मतलब यह नहीं कि सही मात्रा जा रही है। केमिकल की टंकी ख़ाली हो या suction में दिक़्क़त हो, तो पंप ज़रूरी डोज़ नहीं पहुँचा पाता। केमिकल की खपत को चलने के घंटों से मिलाएँ, और जो तरीक़ा इस्तेमाल हो उसके पानी के analysis से जोड़कर देखें।
जहाँ डीएरेट किया हुआ पानी हवा के संपर्क में आता है, वहाँ ऑक्सीजन फिर घुल सकती है। Equipment का layout और सैंपल पॉइंट जानने से पता चलता है कि कमी ट्रीटमेंट में है या ट्रीटमेंट के बाद ऑक्सीजन दोबारा मिल गई।
आपकी निगरानी का दायरा सिर्फ़ डीएरेटर के आउटलेट तक नहीं, बॉयलर तक के पूरे रास्ते तक होना चाहिए।
Alkalinity control: pH को रेंज में रखना
Alkalinity control में केमिकल से pH और उससे जुड़े मान ऐसे रखे जाते हैं कि पानी धातु पर कम corrosive रहे। ऊँचा pH अपने-आप ज़्यादा सुरक्षा नहीं देता।
बॉयलर वॉटर acidic की तरफ़ खिसके तो corrosion होता है, और किसी एक जगह alkali गाढ़ा हो जाए तो भी नुक़सान होता है। लक्ष्य सबसे तेज़ alkalinity नहीं है। लक्ष्य उस बॉयलर मॉडल और ट्रीटमेंट के तरीक़े की control रेंज है।
फ़ीडवॉटर, बॉयलर वॉटर और लौटे हुए कंडेंसेट की control values अलग-अलग होती हैं। "सब बॉयलर वॉटर" के लिए एक ही pH टारगेट लगा दें तो रीडिंग और सुधार के क़दम आपस में मेल नहीं खाते।
Figure 5 JIS B 8223 का एक उदाहरण है, जिसमें दोनों रेंज में बड़ा फ़र्क़ है।
Figure 5: फ़ीडवॉटर और बॉयलर वॉटर का pH अलग-अलग कंट्रोल होता है
JIS B 8223:2021 की एक condition, multi-tube special-circulation boiler (takanshiki tokushu junkan boiler) के लिए, जैसी जापान के Ministry of the Environment ने छापी है।
| किस पानी का सैंपल | 25°C पर pH | इससे क्या पता चलता है |
|---|---|---|
| फ़ीडवॉटर | 5.8–9.0 | बॉयलर में जाने से पहले के पानी की सीमा |
| बॉयलर वॉटर | 11.0–11.8 | बॉयलर के अंदर के ट्रीटेड और गाढ़े हुए पानी की सीमा |
Normal operating pressure 1 MPa (लगभग 10 bar) या कम, softened मेकअप वॉटर, alkali ट्रीटमेंट। यह हर बॉयलर टाइप का setpoint नहीं है। स्रोत: Japan Ministry of the Environment, "Proper control of boiler feedwater quality" (जापानी भाषा में)।
pH की सीमाएँ एक reference तापमान पर दी जाती हैं (JIS में 25°C), चलते समय के तापमान पर नहीं। गर्म सैंपल की रीडिंग को 25°C की सीमा से न मिलाएँ। मापने से पहले सैंपल को प्रक्रिया में बताए तरीक़े से ठंडा करें।
असल में अपने प्लांट का control standard बॉयलर के manual और वॉटर ट्रीटमेंट specification से तय करें। हर रिज़ल्ट के साथ मापने का तापमान और सैंपल पॉइंट भी लिखें।
कंडेंसेट की अपनी अलग दिक़्क़त है: कार्बन डाइऑक्साइड उसमें घुलकर उसे acidic बना देती है। सोडियम हाइड्रॉक्साइड (caustic soda) से बॉयलर वॉटर का pH बढ़ाने से यह दिक़्क़त हल नहीं होती।
सोडियम हाइड्रॉक्साइड भाप के साथ आसानी से आगे नहीं जाता, इसलिए सिर्फ़ बॉयलर वॉटर ठीक करने से यह मान लेना सही नहीं कि कंडेंसेट की लाइनें भी सुरक्षित हैं। कंडेंसेट की क्वालिटी और भाप जहाँ इस्तेमाल होती है वह जगह देखें, और ज़रूरत हो तो उसके अनुकूल कंडेंसेट ट्रीटमेंट चुनें।
जहाँ भाप सीधे खाने या किसी और प्रोडक्ट को छूती है, वहाँ केमिकल उस इस्तेमाल के लिए मंज़ूर भी होना चाहिए। केमिकल का प्रकार और मात्रा सिर्फ़ पानी की क्वालिटी से नहीं, भाप के इस्तेमाल और निर्माता की ट्रीटमेंट specification से तय करें।
जापानी water-quality spec कैसे पढ़ें: JIS B 8223
जापानी बॉयलर निर्माता और वॉटर ट्रीटमेंट supplier पानी की सीमाओं के लिए आम तौर पर JIS B 8223 का नाम देते हैं। मौजूदा edition JIS B 8223:2021 है, जो land boiler और marine steam boiler के फ़ीडवॉटर, बॉयलर वॉटर और भाप की क्वालिटी को कवर करता है। इसने 2015 का वह edition बदला, जिसमें सिर्फ़ फ़ीडवॉटर और बॉयलर वॉटर थे।
स्टैंडर्ड सीमाएँ चार चीज़ों के हिसाब से बाँटता है: बॉयलर की श्रेणी, operating pressure, मेकअप वॉटर का प्रकार (softened या ion-exchanged) और ट्रीटमेंट का तरीक़ा। सही कॉलम पढ़ने के लिए चारों पता होने चाहिए। नीचे की टेबल में Figure 5 वाला पूरा कॉलम है।
Figure 6: JIS B 8223:2021 की टेबल का एक कॉलम
Multi-tube special-circulation boiler, operating pressure 1 MPa (लगभग 10 bar) या कम, softened मेकअप वॉटर, alkali ट्रीटमेंट।
| पानी | Item (JIS में जैसा लिखा है) | सीमा |
|---|---|---|
| फ़ीडवॉटर | pH, 25°C पर | 5.8–9.0 |
| फ़ीडवॉटर | Hardness, CaCO3 के रूप में | 1 mg/L या कम |
| फ़ीडवॉटर | आयरन, Fe के रूप में | 0.3 mg/L या कम |
| बॉयलर वॉटर | pH, 25°C पर | 11.0–11.8 |
| बॉयलर वॉटर | Acid consumption (pH 8.3), CaCO3 के रूप में | 80–600 mg/L |
| बॉयलर वॉटर | Electrical conductivity, 25°C पर | 400 mS/m या कम (4,000 µS/cm या कम) |
| बॉयलर वॉटर | क्लोराइड आयन, Cl के रूप में | 400 mg/L या कम |
| बॉयलर वॉटर | फ़ॉस्फ़ेट आयन, PO4 के रूप में | 20–40 mg/L |
| बॉयलर वॉटर | सल्फ़ाइट आयन, SO3 के रूप में | 10 mg/L या ज़्यादा |
| बॉयलर वॉटर | हाइड्राज़ीन, N2H4 के रूप में | 0.1 mg/L या ज़्यादा |
मान वैसे ही हैं जैसे Figure 5 में बताए Ministry of the Environment के दस्तावेज़ में छपे हैं। फ़ॉस्फ़ेट, सल्फ़ाइट और हाइड्राज़ीन केमिकल के residual हैं। कौन-सा कब लागू होता है, यह स्टैंडर्ड के नोट में देखें। दूसरे बॉयलर टाइप, प्रेशर और ट्रीटमेंट की सीमाएँ अलग होती हैं।
जापान के बाहर के पाठकों को तीन बातों पर सबसे ज़्यादा उलझन होती है:
- Conductivity mS/m में। JIS में यह millisiemens per meter है। 1 mS/m = 10 µS/cm, यानी 400 mS/m = 4,000 µS/cm। आपका meter µS/cm या mS/cm में दिखाता हो सकता है, इसलिए तुलना से पहले unit देखें।
- Acid consumption (sanshohiryo)। "Acid consumption (pH 8.3)" वह acid की मात्रा है जो सैंपल को pH 8.3 तक लाने में लगती है, CaCO3 के रूप में। जापानी संदर्भ इसे phenolphthalein alkalinity (P-alkalinity) के बराबर मानते हैं। pH 4.8 तक की acid consumption total (M) alkalinity के बराबर है, और कुछ दूसरे देशों के तरीक़ों में अंतिम बिंदु अलग होता है। इसलिए नतीजे मिलाने से पहले test method (JIS B 8224:2022) पक्का करें।
- Reference तापमान। pH और conductivity की सीमाएँ 25°C पर हैं। आपके meter में temperature compensation लगा हो तो देखें कि वह किस reference तापमान पर है।
JIS B 8223 की तुलना ASME, EN और IS से
JIS B 8223 और अमेरिका, यूरोप या भारत में इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज़ों के बीच एक-से-एक मेल नहीं है। हर दस्तावेज़ बॉयलरों को अलग तरह से बाँटता है, इसलिए एक टेबल का मान उठाकर दूसरी पर नहीं लगा सकते।
नीचे की टेबल दस्तावेज़ों की ख़ुद की तुलना है। इसमें ASME, EN या IS की सीमाएँ नहीं लिखी हैं, क्योंकि हम उन्हें छपे हुए स्टैंडर्ड से verify नहीं कर पाए। वे मान ख़रीदे हुए दस्तावेज़ से पढ़ें या अपने वॉटर ट्रीटमेंट supplier से लें।
Figure 7: बॉयलर वॉटर के दिशानिर्देश एक साथ
इसे यह पहचानने के लिए इस्तेमाल करें कि spec किस दस्तावेज़ की बात कर रही है, सीमाएँ बदलने के लिए नहीं।
| दस्तावेज़ | कौन जारी करता है | किसे कवर करता है | सीमाएँ कैसे बाँटी गई हैं |
|---|---|---|---|
| JIS B 8223:2021 | जापान के राष्ट्रीय स्टैंडर्ड (JIS), Japanese Standards Association द्वारा प्रकाशित | Land और marine steam boiler का फ़ीडवॉटर, बॉयलर वॉटर और भाप | बॉयलर की श्रेणी, operating pressure, मेकअप वॉटर का प्रकार, ट्रीटमेंट का तरीक़ा |
| ASME "Consensus on Operating Practices for the Control of Feedwater and Boiler Water Chemistry in Industrial and Institutional Boilers" (2021) | ASME Research and Technology Committee on Water and Steam in Thermal Systems | Industrial और institutional बॉयलरों का फ़ीडवॉटर, बॉयलर वॉटर और भाप की शुद्धता | डिज़ाइन और इस्तेमाल के हिसाब से सात बॉयलर श्रेणियाँ; सीमाएँ भाप के प्रेशर और duty cycle के साथ बदलती हैं |
| EN 12953-10:2003 | CEN (देशों में अपनाया गया, जैसे BS EN, DIN EN) | Shell boiler का फ़ीडवॉटर और बॉयलर वॉटर | स्टैंडर्ड में देखें |
| EN 12952-12:2003 | CEN | Water-tube boiler का फ़ीडवॉटर और बॉयलर वॉटर (भाप की क्वालिटी शामिल नहीं) | स्टैंडर्ड में देखें |
| IS 10392 | Bureau of Indian Standards (BIS) | Low और medium pressure land boiler का फ़ीडवॉटर और बॉयलर वॉटर | स्टैंडर्ड में देखें; मौजूदा edition BIS से confirm करें |
ASME इसे consensus guideline के रूप में छापता है, code की अनिवार्यता के रूप में नहीं। Editions नवंबर 2026 में चेक की गईं।
भारत के प्लांट में IS 10392 सबसे क़रीबी राष्ट्रीय स्टैंडर्ड है, पर यह JIS B 8223 जैसा ही है, ऐसा न मानें। BIS की public listing में 1982 का संस्करण भी मिलता है, लेकिन नया संस्करण हो सकता है, इसलिए मौजूदा edition BIS से पक्का करें।
जब जापानी बॉयलर किसी ऐसे प्लांट में लगता है जो ASME, EN या IS के हिसाब से चलता है, तब दोनों की सीमाएँ अलग हो सकती हैं। बॉयलर निर्माता से पूछें कि उनके equipment और warranty के लिए कौन-सी सीमाएँ लागू हैं, और क्या किसी दूसरे दिशानिर्देश पर बना लोकल वॉटर ट्रीटमेंट प्रोग्राम उन्हें मंज़ूर है।
रोज़ की पानी की जाँच

रोज़ की जाँच तब सबसे अच्छी चलती है जब हर रीडिंग किसी equipment से जोड़कर देखी जाए:
- Hardness सॉफ़्टनर के बारे में बताती है
- Dissolved oxygen या scavenger residual डीएरेशन के बारे में बताता है
- pH केमिकल डोज़िंग और concentration के बारे में बताता है
Conductivity पानी में घुले आयनों पर निर्भर करती है, इसलिए प्लांट इसे concentration देखने में इस्तेमाल करते हैं। पर यह hardness की रीडिंग नहीं है, और तापमान व ट्रीटमेंट के केमिकल भी इसे बदलते हैं। हर माप क्या बताता है, इसे आपस में न मिलाएँ।
अलग-अलग जगह के सैंपल की तुलना करने पर ट्रीटमेंट का सामान्य फ़र्क़ भी गड़बड़ी जैसा दिख सकता है। पानी, तापमान और test method एक जैसे रखें, और पिछली रीडिंग से आए बदलाव को पढ़ें।
Expire हो चुके reagent और गंदी सैंपल बोतलें भी नतीजे बिगाड़ती हैं। सैंपल पॉइंट, reagent बदलना, रीजनरेशन और केमिकल भरना, इन सबको रीडिंग वाली ही टाइमलाइन में लिखें, ताकि बाद में कारण ढूँढना आसान हो।
गर्म और प्रेशर वाले पानी को सीधे बर्तन में निकालने से जलने या अचानक छिटकने का ख़तरा है। सैंपल लेने में साइट की cooling और depressurizing प्रक्रिया और PPE के नियम मानें, और पाइपिंग या वाल्व में अपने मन से बदलाव न करें।
ब्लोडाउन से concentration क़ाबू में रखना
ट्रीटमेंट के बाद भी, पानी भाप बनने पर बॉयलर के अंदर घुले ठोस गाढ़े होते जाते हैं। ब्लोडाउन (buro) उस पानी का एक हिस्सा बाहर निकालकर उसकी जगह फ़ीडवॉटर भरता है, और इसका काम केमिकल ट्रीटमेंट से अलग है।
ब्लोडाउन कम हो तो concentration चढ़ती जाती है, और ज़्यादा हो तो गर्म किया हुआ पानी और उसकी ऊर्जा बेकार जाती है। पानी की क्वालिटी सीमा के अंदर रखते हुए उतना ही ब्लोडाउन करें जितना ज़रूरी है, तो पानी और fuel दोनों बचते हैं।
Figure 8: पीछे रह जाने वाले ठोस से ब्लोडाउन रेट निकालना
Steady state, पानी का level स्थिर, और भाप के साथ जाने वाले घुले ठोस को छोड़कर, समझाने के लिए एक गणना।
इस उदाहरण में ब्लोडाउन फ़ीडवॉटर का 10% है, पर भाप flow का लगभग 11.1%। एक ही flow का प्रतिशत इस पर निर्भर करता है कि आधार क्या लिया गया, इसलिए लॉग और कोटेशन में हमेशा लिखें कि "किसका प्रतिशत"।
Cycles of concentration ऐसे तत्व से निकालें जिसे ट्रीटमेंट न जोड़ता हो और न घटाता हो। Conductivity का अनुपात इस्तेमाल करें तो केमिकल और तापमान का असर भी देखें, और सिर्फ़ सीधे अनुपात के आधार पर ब्लोडाउन सेटिंग न बदलें।
ज़रूरत से ज़्यादा concentration और झाग से पानी की बूँदें भी भाप के साथ बाहर जा सकती हैं। भाप गंदी दिखे या पानी का level हिलता रहे, तो priming और foaming की भी जाँच करें।
Consumables और जाँच को असली चलन से मिलाना
नमक और केमिकल जितना इस्तेमाल होता है उतना ही घटते हैं, इसलिए आउटपुट बदलने पर इनकी समीक्षा करें, सिर्फ़ तय शेड्यूल पर न भरें। प्रोडक्शन बढ़े और मेकअप वॉटर ज़्यादा लगे, तो उतने ही दिनों में resin पर लोड और केमिकल की खपत दोनों बढ़ जाते हैं।
कंडेंसेट की वापसी घटे तो ज़्यादा मेकअप वॉटर अंदर आता है और ट्रीटमेंट प्लांट का लोड बदल जाता है। केमिकल की ख़रीद के साथ मेकअप वॉटर और भाप का flow भी लिखें, ताकि खपत बदलने का कारण दिखे।
Service contract है तो सिर्फ़ यह न लिखें कि नमक और केमिकल कौन भरेगा। यह भी तय करें कि analysis और equipment की जाँच कौन करेगा। ऑपरेटर की रोज़ की जाँच और specialist की जाँच अलग रखें, तो गड़बड़ी होने पर किसे बुलाना है यह साफ़ रहता है।
पानी की क्वालिटी का ट्रेंड वे बदलाव पकड़ लेता है जो तय अंतराल की जाँच में छूट जाते हैं।
पानी की क्वालिटी बदले तो उसी दिन देखें कि कच्चे पानी का स्रोत, रीजनरेशन, केमिकल या कंडेंसेट की वापसी में कुछ बदला या नहीं। किसी एक रीडिंग के पीछे और केमिकल डालने से पहले यह ढूँढें कि कौन-सा स्टेप बदला।
वॉटर ट्रीटमेंट की लागत में सिर्फ़ केमिकल नहीं, नमक, पानी, waste water, analysis और maintenance भी आते हैं। इनकी तुलना अचानक ख़राबी की मरम्मत और रुके हुए प्रोडक्शन के नुक़सान से करें।
पानी की क्वालिटी के साथ fuel की खपत भी लिखें, तो बॉयलर की efficiency में बदलाव पकड़ना आसान होता है। रोज़ की स्थिर वॉटर मैनेजमेंट प्लांट की बिजली-ईंधन बचत और energy management के काम को भी सहारा देती है।
जापानी बॉयलर को चालू करने से पहले की checklist
जब जापान में बना बॉयलर या वॉटर ट्रीटमेंट पैकेज आए, या आप कोई चालू सिस्टम सँभालें, तब यह सूची एक-एक करके देखें:
- पानी की सीमाएँ JIS B 8223 के किस edition, बॉयलर श्रेणी, प्रेशर रेंज, मेकअप वॉटर के प्रकार और ट्रीटमेंट के तरीक़े पर बनी हैं
- मेकअप वॉटर, फ़ीडवॉटर, बॉयलर वॉटर और कंडेंसेट की अलग-अलग सीमाएँ
- Units की जाँच (mS/m बनाम µS/cm) और pH व conductivity का reference तापमान
- Acid consumption का test method और वह आपके alkalinity test से कैसे जुड़ता है
- सॉफ़्टनर की क्षमता और अनुमानित मेकअप वॉटर flow, और रीजनरेशन सेटिंग
- ऑक्सीजन हटाने का तरीक़ा (गर्म करके, मेम्ब्रेन, केमिकल या मिला-जुला) और कौन-सा residual देखना है
- केमिकल के नाम, लोकल में उपलब्धता और भाप के इस्तेमाल के लिए उपयुक्तता (जैसे खाने से सीधा संपर्क)
- कंडेंसेट ट्रीटमेंट की ज़रूरत, जो बॉयलर वॉटर ट्रीटमेंट से अलग है
- ब्लोडाउन का तरीक़ा, control का आधार (conductivity या कोई ख़ास तत्व) और रेट किस रूप में लिखा जाता है
- सैंपल पॉइंट, सैंपल की cooling और सैंपल लेने की साइट की सेफ्टी प्रक्रिया
- बंद रहने के दौरान layup (wet या dry storage) की प्रक्रिया, निर्माता की ओर से
- प्लांट का control standard कौन तय और मंज़ूर करता है, और रीडिंग रेंज से बाहर जाने पर फ़ैसला कौन लेता है
जापानी supplier से पूछने के सवाल
अनुवाद की हुई water-quality sheet में अक्सर जो बातें साफ़ नहीं रहतीं, ये सवाल उन्हीं पर हैं:
- आपकी पानी की सीमाएँ JIS B 8223 की किस टेबल और किस कॉलम (और किस edition) से आई हैं?
- क्या इस मॉडल के लिए आपकी सीमाएँ JIS B 8223 से अलग हैं? हाँ तो किन items में, और warranty किन सीमाओं पर चलती है?
- आपने मेकअप वॉटर की कौन-सी क्वालिटी मानी है (कच्चे पानी का analysis, softened या demineralized)?
- आप कौन-से केमिकल सुझाते हैं, और क्या लोकल में मिलने वाले समकक्ष आपको मंज़ूर हैं?
- क्या आप ASME या EN पर आधारित वॉटर ट्रीटमेंट प्रोग्राम मानेंगे, और किन शर्तों पर?
- इस बॉयलर के लिए ब्लोडाउन का सुझाया हुआ तरीक़ा और control का आधार क्या है?
- बंद करने और layup की प्रक्रिया क्या है, और दोबारा चालू करने से पहले क्या करना है?
Inquiry email का नमूना
नीचे का नमूना supplier को भेजने के लिए सरल अंग्रेज़ी में है। अपने हिसाब से बदलें और कच्चे पानी का analysis साथ लगाएँ। भेजने से पहले टीम के किसी इंजीनियर से एक बार पढ़वा लें।
Subject: Water quality requirements for [model / serial number]
Dear [Name],
We are preparing the water treatment program for the [model] boiler delivered to [site]. Could you please confirm the following?
1. The edition, boiler category, and column of JIS B 8223 your feedwater and boiler water limits are based on.
2. Any model-specific limits that differ from JIS B 8223, and which limits apply to the warranty.
3. The units and reference temperature for conductivity and pH, and the test method for acid consumption (pH 8.3).
4. Your recommended chemicals, and whether locally available equivalents are acceptable.
5. The recommended blowdown method and the shutdown/layup procedure.Our raw water analysis is attached. We plan to use [softened / demineralized] makeup water with about [X]% condensate return.
Best regards,
[Name]
[Company]
यह गाइड कहाँ लागू नहीं होती
इस लेख के मान एक बॉयलर श्रेणी और एक condition के उदाहरण हैं। सीमाएँ बॉयलर के टाइप, प्रेशर, मेकअप वॉटर और ट्रीटमेंट के तरीक़े से बदलती हैं, इसलिए अपनी control सीमाएँ बॉयलर के instruction manual और वॉटर ट्रीटमेंट specification से तय करें।
ज़्यादा प्रेशर वाले बॉयलर, demineralized पानी से चलने वाले बॉयलर और hot-water boiler की अपनी सीमाएँ हैं, जो यहाँ नहीं बताई गईं। भारत में 2020 का OSH Code (Occupational Safety, Health and Working Conditions Code) 21 नवंबर 2025 से लागू माना गया है और उसने Factories Act 1948 की जगह ली है। राज्य के नियम और बदलाव की प्रक्रिया अलग हो सकती है। बॉयलर की registration, inspection और IBR (Indian Boiler Regulations) की ज़रूरतें भी आपके प्लांट पर लागू होती हैं, इसलिए अपने प्लांट के boiler incharge या compliance वाले से पूछ लें।
FAQ
क्या नल या सप्लाई के पानी को बॉयलर में डालने से पहले ट्रीटमेंट चाहिए?
पीने लायक़ होने से पानी बॉयलर के लिए ठीक नहीं हो जाता। नल के पानी में भी hardness और dissolved oxygen होती है। कच्चे पानी के analysis को बॉयलर की पानी की ज़रूरतों से मिलाएँ, और ज़रूरत के हिसाब से सॉफ़्टनिंग, ऑक्सीजन हटाना या दूसरे स्टेप चुनें।
सॉफ़्टनर लगा है, तो क्या केमिकल और ब्लोडाउन भी चाहिए?
सिर्फ़ सॉफ़्टनर इस सवाल का जवाब नहीं देता। सॉफ़्टनर hardness आयन बदलता है, वह ऑक्सीजन या सारे घुले लवण नहीं हटाता। केमिकल और ब्लोडाउन चाहिए या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि पानी में क्या बचा है, वह कितना गाढ़ा होता है और बॉयलर का ट्रीटमेंट तरीक़ा क्या है।
pH सामान्य हो, तो क्या बॉयलर वॉटर ठीक है?
ज़रूरी नहीं। सिर्फ़ pH से hardness का रिसाव, dissolved oxygen या concentration पता नहीं चलते। हर सैंपल पॉइंट पर वही items नापें जो ट्रीटमेंट specification उस पॉइंट के लिए तय करती है, और नतीजे equipment की चलने की हिस्ट्री के साथ पढ़ें।
Softened water और demineralized water में क्या फ़र्क़ है?
Softened water में मुख्य रूप से hardness हटाई गई होती है, जबकि demineralized (शुद्ध) पानी में आयन और दूसरी अशुद्धियाँ कहीं ज़्यादा हटाई जाती हैं। आपको कौन-सा चाहिए, यह बॉयलर के प्रेशर और भाप के इस्तेमाल पर निर्भर है। सिर्फ़ नाम से पता नहीं चलता कि वह फ़ीडवॉटर के लिए ठीक है या नहीं।
क्या बॉयलर बंद रहने के दौरान भी पानी का ध्यान रखना पड़ता है?
हाँ। बॉयलर बंद हो तब भी धातु पानी और हवा के संपर्क में रहती है, इसलिए corrosion चलता रहता है। बंद रहने की अवधि के हिसाब से निर्माता की wet या dry layup प्रक्रिया मानें, जिसमें दोबारा चालू करने के स्टेप भी शामिल हैं।
स्रोत
- JIS B 8223:2021 की multi-tube special-circulation boiler की सीमाएँ और ब्लोडाउन control: Japan Ministry of the Environment, "Proper control of boiler feedwater quality" (जापानी भाषा में)
- JIS B 8223:2021 का नाम और दायरा: Japanese Standards Association, JIS B 8223:2021 English edition preview
- ASME consensus guideline: ASME, "Consensus on Operating Practices for the Control of Feedwater and Boiler Water Chemistry in Industrial and Institutional Boilers"
- EN 12953-10 का दायरा: BSI, "Shell boilers – Requirements for feedwater and boiler water quality"
- EN 12952-12 का दायरा: Genorma, EN 12952-12:2003
- Acid consumption (pH 8.3) और P-alkalinity: MLIT Edogawa River Office, alkalinity की शब्दावली (जापानी भाषा में)
- IS 10392 की listing: IS 10392 listing (Standards.ie) और IS 10392 (1982), Internet Archive
- OSH Code 2020 का लागू होना और Factories Act 1948 की जगह: Taxmann, OSH Code 2020 analysis
- Dissolved oxygen, कार्बन डाइऑक्साइड और कंडेंसेट में corrosion: Kurita Water Industries, बॉयलर में corrosion की दिक़्क़तें (जापानी भाषा में)
- सॉफ़्टनिंग, demineralization, स्केल और corrosion: Spirax Sarco, "Water for the Boiler"
- फ़ीडवॉटर और डीएरेशन: Spirax Sarco, "The Feedtank and Feedwater Conditioning"
- Concentration और conductivity: Spirax Sarco, "Controlling TDS in the Boiler Water"
- सॉफ़्टनर और मेम्ब्रेन डीऑक्सीजनेशन: Miura, वॉटर ट्रीटमेंट equipment का technical data (जापानी भाषा में)
- सॉफ़्टनर के आउटलेट पर hardness test: Miura, hardness indicator क्यों ज़रूरी है (जापानी भाषा में)
- बंद रहने के दौरान layup: Kurita Water Industries, low-pressure boiler को बंद रहने के दौरान की दिक़्क़तों से बचाना (जापानी भाषा में)
मूल जापानी लेखयह गाइड जापान के पाठकों के लिए लिखे गए MONOSCOPE के एक लेख पर आधारित है: ボイラー水の水処理とは?軟水化・脱酸素・アルカリ化と管理の要点


