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202623/10

KY (किकेन योची) क्या है? KYT 4-राउंड तरीका और KY शीट का उदाहरण

मेंटेनेंस और क्वालिटीअपडेट: 23/10/202660 मिनट में पढ़ें

आपके प्लांट में जापानी कंपनी ने "KY शुरू करो" कहा है। लाइन के पास एक व्हाइटबोर्ड लग गया, सुबह की मीटिंग के बाद कुछ मिनट KY करने को कहा गया। पर एक महीने बाद बोर्ड पर रोज़ वही बात लिखी होती है, और किसी को ठीक से पता नहीं कि यह किसलिए है।

KY का पूरा नाम kiken yochi (किकेन योची, 危険予知) है, यानी "ख़तरे को पहले से पहचानना"। काम शुरू करने से पहले उस काम के ख़तरे ढूँढना और टीम के साथ पक्का करना ही KY है। इसके दो हिस्से हैं: KYT नाम की ट्रेनिंग, जिसमें छोटी टीम ख़तरे ढूँढने की प्रैक्टिस करती है, और रोज़ का छोटा KY, जो काम से ठीक पहले होता है। ट्रेनिंग छोड़ दें तो रोज़ का बोर्ड जल्दी ही सिर्फ़ खानापूर्ति बन जाता है।

यह लेख जापान की सुरक्षा संस्था JISHA (Japan Industrial Safety & Health Association) और जापान के श्रम मंत्रालय MHLW की सामग्री के आधार पर KYT का 4-राउंड तरीका समझाता है। फिर एक नमूना KYT शीट, रोज़ का छोटा KY, रिस्क असेसमेंट से फ़र्क, और KY के खानापूर्ति बनने के कारण बताता है। आख़िर में टीम लीडर के लिए एक चेकलिस्ट है।

विषय-सूची
  1. KY (किकेन योची) क्या है?
  2. KYT का 4-राउंड तरीका कैसे चलता है
  3. KYT शीट का उदाहरण: बेंच ड्रिल प्रेस पर छेद करना
  4. रोज़ काम से पहले छोटा KY कैसे करें
  5. KY, रिस्क असेसमेंट और JHA में फ़र्क
  6. KY खानापूर्ति क्यों बन जाता है, और क्या मदद करता है
  7. KY शुरू या दोबारा शुरू कैसे करें
  8. तुरंत काम आने वाली चीज़: टीम लीडर की KY चेकलिस्ट और जापानी पक्ष से सवाल
  9. इस गाइड की सीमाएँ
  10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

KY (किकेन योची) क्या है?

JISHA के अनुसार KYT (kiken yochi training) में छोटी टीम मिलकर बात करती है कि काम या कार्यस्थल में कौन-से ख़तरे छिपे हैं और उनसे कौन-सा हादसा हो सकता है। टीम सबसे ज़रूरी ख़तरे और उपाय तय करती है, उन्हें उंगली दिखाकर बोलकर पक्का करती है, और काम से पहले ही उनका हल निकालती है।

टीम किसी काम की तस्वीर (illustration sheet) से या असली काम को देखकर प्रैक्टिस करती है। रोज़ के पूरे कार्यक्रम को, जिसमें KYT, pointing and calling और दूसरे तरीके शामिल हैं, JISHA "hazard prediction activities" कहता है। कुछ प्लांट इसे KYK (kiken yochi katsudo) भी कहते हैं। इस लेख में "KY" का मतलब ट्रेनिंग से लेकर रोज़ के अभ्यास तक पूरा कार्यक्रम है।

चित्र 1: KY कार्यक्रम के चार हिस्से

टीम ट्रेनिंग में तरीका सीखती है, फिर उसे रोज़ काम से पहले और काम के ज़रूरी मौक़ों पर इस्तेमाल करती है।

ख़तरा पहचानने की ट्रेनिंग (KYT)छोटी टीम तस्वीर या असली काम देखकर ख़तरे गिनाती है, फिर उपाय और टीम का एक्शन टारगेट तय करती है। इसकी नींव 4-राउंड तरीका है।
रोज़ का KY (KY / KYK)रोज़ का कार्यक्रम। इसमें KYT के साथ pointing and calling, काम से पहले का छोटा KY और अकेले किया जाने वाला KY आता है।
उंगली दिखाकर बोलना (shisa kosho / shisa kanko)चीज़ की तरफ़ उंगली करके उसका नाम और हालत ज़ोर से बोलना। पूरी टीम साथ में करे तो इसे shisa showa कहते हैं।
टूलबॉक्स मीटिंग (TBM)काम से पहले की मीटिंग। टीम दिन का काम और ज़िम्मेदारियाँ देखती है और मिलकर ख़तरे के पॉइंट पक्के करती है।

स्रोत: JISHA, MHLW और टोक्यो लेबर स्टैंडर्ड्स एसोसिएशन फ़ेडरेशन की सामग्री से MONOSCOPE ने तैयार किया। नाम उद्योग और प्लांट के हिसाब से अलग हो सकते हैं।

KY कहाँ से आया

MHLW की सुरक्षा वेबसाइट के अनुसार ख़तरा पहचानने की ट्रेनिंग जापान की कंपनी Sumitomo Metal Industries में शुरू हुई। बाद में JISHA ने इसे 4-राउंड वाले समस्या-समाधान तरीके से और जापानी रेलवे (Japanese National Railways) के pointing and calling से जोड़ा। यही "KYT 4-राउंड तरीका" आज मानक तरीका माना जाता है।

जापानी सुरक्षा पत्रिका Anzen Staff के अनुसार शुरुआत 1973 में हुई, जब Sumitomo Metal के एक कर्मचारी ने बेल्जियम की एक केमिकल कंपनी में ख़तरे की एक तस्वीर देखी। 1974 में दो सवालों ("कौन-से ख़तरे हैं?" और "आप क्या करेंगे?") वाला तरीका बना और स्टील उद्योग में फैला। बाद में यह JISHA के "Zero-accident Total Participation Campaign" (ज़ीरो एक्सीडेंट अभियान, 1973 से) का मुख्य तरीका बना।

KYT का 4-राउंड तरीका कैसे चलता है

मशीन शॉप की वर्कबेंच पर क्लिपबोर्ड की खाली शीट और लाल-काले मार्कर

KY का तरीका KYT के 4-राउंड तरीके (KYT Basic 4-Round Method) से सीखा जाता है। JISHA कहता है कि KY की शुरुआत इसी ट्रेनिंग से होती है, और one-point KY जैसे छोटे तरीके भी इसी पर बने हैं।

हर राउंड में लीडर टीम से एक सवाल या एक वाक्य बोलता है:

  • राउंड 1, ख़तरे ढूँढो: "यहाँ कौन-से ख़तरे छिपे हैं?"
  • राउंड 2, ख़तरे के मुख्य पॉइंट चुनो: "ये हैं ख़तरे के पॉइंट।"
  • राउंड 3, उपाय सोचो: "आप क्या करेंगे?"
  • राउंड 4, टारगेट तय करो: "हम यह करेंगे।"

चित्र 2: KYT का 4-राउंड तरीका

टीम पहले बहुत सारे विचार निकालती है, फिर दो बार छाँटती है: पहले ख़तरे, फिर उपाय।

तैयारी
00टीम और सामानआम तौर पर 5–6 लोग। एक लीडर (बात चलाने वाला) और एक रिकॉर्डर (लिखने वाला) चुनें। तस्वीर वाली शीट, बड़ा कागज़, लाल और काला मार्कर रखें।
ख़तरे ढूँढना
R1ख़तरे ढूँढोयहाँ कौन-से ख़तरे छिपे हैं? हर ख़तरा "…की वजह से, …होगा, और …चोट लगेगी" के रूप में बोलें।
R2मुख्य पॉइंट चुनोये हैं ख़तरे के पॉइंट। ज़रूरी वालों पर गोला लगाएँ, फिर 1–2 पर सहमति बनाकर दोहरा गोला और नीचे लाइन लगाएँ।
एक्शन तय करना
R3उपाय सोचोआप क्या करेंगे? दोहरे गोले वाले हर ख़तरे के लिए ऐसे ठोस उपाय बताएँ जो टीम कर सके।
R4टारगेट तय करोहम यह करेंगे। ज़रूरी एक्शन (* निशान) और टीम का एक्शन टारगेट तय करें।
पक्का करना
Checkउंगली दिखाकर बोलने वाले पॉइंटकाम के दौरान किन चीज़ों को उंगली दिखाकर बोलना है, यह चुनें। सब मिलकर तीन बार बोलें, आख़िर में टच एंड कॉल।

स्रोत: MHLW सुरक्षा वेबसाइट, "Hazard Prediction Training (KYT)" से MONOSCOPE ने तैयार किया।

शुरू करने से पहले: टीम और ज़िम्मेदारी

MHLW की सुरक्षा वेबसाइट 5–6 लोगों की टीम की सलाह देती है, ताकि हर कोई बोल सके। टीम एक लीडर चुनती है, जो बात आगे बढ़ाता है, और एक रिकॉर्डर, जो लिखता है। ज़रूरत हो तो रिपोर्ट या प्रेज़ेंट करने वाला भी रखा जा सकता है।

शुरू में लीडर थोड़े में बताता है कि यह क्यों कर रहे हैं, और सबसे बोलने को कहता है। तस्वीर कितनी अच्छी है, इससे ज़्यादा ज़रूरी यह है कि लोग खुलकर अपनी बात कह सकें।

नई टीम पहले छपी हुई तस्वीर वाली शीट से शुरू कर सकती है। आदत पड़ने के बाद अपने ही प्लांट और अपनी ही मशीन की फ़ोटो लें, तो बात ज़्यादा असली लगती है।

राउंड 1: ख़तरे ढूँढो

लीडर तस्वीर का काम समझाता है और पूछता है, "यहाँ कौन-से ख़तरे छिपे हैं?" सदस्य जो दिखे वह बोलते हैं, हर बार वजह और नतीजे के साथ: "[वजह] की वजह से, [क्या होगा], और [कैसी चोट]।" रिकॉर्डर हर बात को नंबर देकर बड़े कागज़ पर लिखता है।

इस तरह बोलने से लोग सिर्फ़ "ख़तरनाक है" या "फिसलन है" कहकर नहीं रुकते, वजह और नतीजा दोनों बताते हैं। इस राउंड में किसी की बात को ग़लत नहीं कहा जाता। मक़सद है ज़्यादा से ज़्यादा ख़तरे निकालना।

JISHA के अनुसार ख़तरे की वजह असुरक्षित काम करने का तरीका भी हो सकती है और असुरक्षित हालत भी। इसलिए सिर्फ़ इंसान के हाथ-पैर नहीं, मशीन, सामान रखने की जगह और फ़र्श की हालत भी देखें।

राउंड 2: ख़तरे के मुख्य पॉइंट चुनो

लीडर पूछता है कि राउंड 1 के कौन-से ख़तरे टीम के लिए सबसे ज़रूरी हैं। सदस्य नंबर बोलते हैं और रिकॉर्डर उन पर लाल गोला लगाता है। उनमें से वे ख़तरे चुने जाते हैं जिनसे गंभीर चोट हो सकती है या जिन पर पहले काम करना है।

टीम इनमें से 1–2 पर सहमति बनाती है, उन पर दोहरा गोला और नीचे लाइन लगाती है, और उन्हें "ख़तरे का पॉइंट" कहती है। फिर लीडर के साथ सब मिलकर उस पॉइंट को उंगली दिखाकर बोलते हैं ("…की वजह से, … — योशी!"), ताकि सबके मन में एक ही तस्वीर हो। Yoshi (योशी) का मतलब है "ठीक है" या "पक्का"।

राउंड 3: उपाय सोचो

हर ख़तरे के पॉइंट के लिए लीडर पूछता है, "आप क्या करेंगे?" सदस्य ऐसे ठोस उपाय बताते हैं जो टीम कर सके, जैसे "पार्ट को वाइस में कसो"। हर पॉइंट के लिए लगभग तीन उपाय काफ़ी हैं।

लीडर देखता है कि लिस्ट में सिर्फ़ "ध्यान रखो" या "सावधान रहो" तो नहीं है। अगर कोई देखकर यह न बता सके कि उपाय किया गया या नहीं, तो राउंड 4 में उसे एक्शन टारगेट नहीं बनाया जा सकता।

कुछ उपाय मशीन या लेआउट बदलने के होंगे, जैसे "फ़िक्सचर बनाओ" या "सामान रखने की जगह बदलो"। रिकॉर्डर इन्हें छोड़ता नहीं, लिख लेता है, और बाद में लीडर इन्हें सुपरवाइज़र तक पहुँचाता है।

राउंड 4: टारगेट तय करो

राउंड 3 की लिस्ट में से टीम तय करती है कि वह क्या ज़रूर करेगी। उन पर लाल रंग से * निशान और नीचे लाइन लगती है, और उन्हें ज़रूरी एक्शन (priority action) कहते हैं। फिर टीम इन एक्शन को एक "टीम एक्शन टारगेट" में लिखती है और सब मिलकर उंगली दिखाकर उसे बोलते हैं।

अच्छा तरीका है: "जब [यह काम] करेंगे, तब [यह] करेंगे — योशी!" इससे साफ़ हो जाता है कि कब और क्या करना है। जितनी ज़्यादा बातें, लाइन पर उतना याद रखना मुश्किल। इसलिए गाइड कहती हैं कि हर ख़तरे के पॉइंट के लिए एक ज़रूरी एक्शन रखें।

राउंड 4 के बाद: उंगली दिखाकर पक्का करें

आख़िर में टीम चुनती है कि असली काम के दौरान किन चीज़ों को उंगली दिखाकर बोलना है। ये ज़रूरी एक्शन से जुड़ी होती हैं। लीडर के साथ सब इन्हें तीन बार मिलकर बोलते हैं, और सेशन टच एंड कॉल से ख़त्म होता है।

टच एंड कॉल में सदस्य एक-दूसरे को छूते हुए मिलकर बोलते हैं, जैसे हाथ पर हाथ रखकर या घेरा बनाकर। JISHA इसके कई तरीके बताता है। इसका मक़सद है टीम में एकता की भावना बनाना।

KYT शीट का उदाहरण: बेंच ड्रिल प्रेस पर छेद करना

बेंच ड्रिल प्रेस पर वाइस में कसे पार्ट में छेद करता ऑपरेटर, सेफ़्टी चश्मा पहने और बिना दस्तानों के

नीचे दिखाया गया है कि टीम KYT शीट कैसे भर सकती है। काम काल्पनिक है: बेंच ड्रिल प्रेस पर एल्युमिनियम की छोटी प्लेट में चार छेद करना। यह किसी असली प्लांट या हादसे की कहानी नहीं है, और यह इस काम का वर्क इंस्ट्रक्शन भी नहीं है।

चित्र 3: भरी हुई KYT शीट (काल्पनिक उदाहरण: बेंच ड्रिल प्रेस)

ट्रेनिंग का काल्पनिक उदाहरण, वर्क इंस्ट्रक्शन नहीं। राउंड 1 में हर वजह के साथ नतीजा है। राउंड 3 से हर लाइन ऐसा एक्शन है जिसे कोई देखकर जाँच सके।

उदाहरण
लिखने का तरीका
R1 ख़तरे ढूँढो
1. पार्ट को हाथ से पकड़कर ड्रिल करने से, ड्रिल पार होते ही पार्ट घूमकर हाथ पर लगेगा
2. सूती दस्ताने पहनने से, दस्ताना घूमती ड्रिल में फँसेगा और उंगली में चोट लगेगी
3. चिप (बुरादा) नंगे हाथ से हटाने से, तेज़ चिप से हाथ कटेगा
4. सेफ़्टी चश्मा न पहनने से, उड़ता चिप आँख में जाएगा
5. आस्तीन ढीली होने से, आस्तीन घूमते हिस्से में फँसेगी
6. पार्ट का डिब्बा पैरों के पास ज़मीन पर रखा है, ठोकर लगकर गिरेंगे
"…की वजह से, …होगा" के रूप में लिखें। काम करने का तरीका (1–5) और जगह की हालत (6) दोनों लिखें। किसी को ग़लत न कहें, ज़्यादा से ज़्यादा लिखें।
R2 मुख्य पॉइंट चुनो
गोला: 3, 4, 5
दोहरा गोला: 1 "पार्ट हाथ से पकड़ने से, घूमकर हाथ पर लगेगा"
दोहरा गोला: 2 "दस्ताना घूमती ड्रिल में फँसेगा और उंगली में चोट लगेगी"
गंभीर या पहले ठीक करने वाले 1–2 पर सहमति।
R3 उपाय सोचो
1 के लिए टीम के विचार: पार्ट को वाइस में कसो / वाइस को क्लैंप से टेबल पर बाँधो / छोटे पार्ट हाथ से न पकड़ो
2 के लिए टीम के विचार: मशीन के पास आने से पहले दस्ताने उतारो / दस्ताने मशीन से दूर शेल्फ़ पर रखो
ऐसे एक्शन लिखें जिन्हें "हुआ / नहीं हुआ" से जाँचा जा सके। "सावधान रहो" न लिखें।
R4 टारगेट तय करो
* ड्रिल करने से पहले पार्ट को वाइस में कसो
* काम से पहले दस्ताने उतारो
टीम एक्शन टारगेट: "ड्रिल प्रेस चलाते समय, पार्ट को वाइस में कसेंगे और दस्ताने उतारकर ड्रिल करेंगे — योशी!"
हर ख़तरे के पॉइंट पर एक ज़रूरी एक्शन। टारगेट का रूप: "जब…, तब हम…"
उंगली दिखाकर बोलना
"पार्ट वाइस में कसा — योशी!"
"वाइस टेबल पर बँधा — योशी!"
"दस्ताने नहीं — योशी!"
छोटे वाक्य, जो काम के ज़रूरी पल पर चीज़ को देखकर और उंगली दिखाकर बोले जाएँ।

काल्पनिक उदाहरण। असली काम में अपने प्लांट का वर्क स्टैंडर्ड (SOP), स्थानीय नियम और मशीन की मैनुअल मानें। 3–5 नंबर (स्पिंडल रुकने के बाद ब्रश से चिप हटाना, सेफ़्टी चश्मा, आस्तीन बंद रखना) मान लिया गया है कि प्लांट के वर्क स्टैंडर्ड में अलग से लिखे हैं।

जापान में दस्ताने वाला उपाय कानून में भी है। जापान के Ordinance on Industrial Safety and Health की धारा 111 के अनुसार ड्रिल प्रेस जैसी घूमने वाले कटिंग टूल की मशीनों पर, जहाँ हाथ फँस सकता है, मालिक कर्मचारी को दस्ताने पहनने नहीं दे सकता। भारत के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए अपनी EHS / सेफ़्टी टीम से पूछें।

KY में निकले कई उपाय पहले से किसी नियम या वर्क स्टैंडर्ड में लिखे होते हैं। राउंड 3 में मशीन से जुड़े विचार भी आ सकते हैं, जैसे "पार्ट को सही जगह रखने के लिए फ़िक्सचर लगाओ" या "वाइस को हमेशा लगा रहने दो"।

ऐसे विचार उसी समय एक्शन टारगेट नहीं बन सकते। इनके लिए प्लांट में एक रास्ता चाहिए, जैसे KYT शीट के किनारे पर लिखना, जिसे टीम लीडर मैनेजर या प्रोडक्शन इंजीनियरिंग तक पहुँचाए। यह रास्ता हो, तो KY से मशीन में सुधार भी शुरू होते हैं।

तीन ग़लतियाँ आम हैं। राउंड 1 में सिर्फ़ हादसे का नाम लिखना, जैसे "फँसने से बचो"। राउंड 2 में तीन-चार दोहरे गोले लगा देना। राउंड 3 और 4 में सिर्फ़ "सेफ़्टी चेक करो" लिखना। इन सबमें अगले दिन वही काम करने वाली टीम को पता नहीं चलता कि क्या जाँचना है।

खाली KYT शीट का नमूना

यह ढाँचा आप Excel में बना सकते हैं या प्रिंट करके लाइन पर रख सकते हैं। हर लाइन में ऊपर के नियम ही दोहराए गए हैं, ताकि नया टीम लीडर सेशन सही दिशा में चला सके।

खानाक्या लिखेंआगे बढ़ने से पहले जाँचें
तारीख / टीम / लीडर / रिकॉर्डरसेशन की बुनियादी जानकारीटीम में लगभग 5–6 लोग
काम या तस्वीरआज के काम और हालत का एक छोटा वाक्यआज क्या अलग है, यह लिखा है?
R1: यहाँ कौन-से ख़तरे छिपे हैं?नंबर वाली लिस्ट: "[वजह] की वजह से, [क्या होगा], और [कैसी चोट]"काम का तरीका और जगह की हालत (मशीन, सामान, फ़र्श) दोनों हैं? किसी को ग़लत नहीं कहा?
R2: ये हैं ख़तरे के पॉइंटज़रूरी पर गोला; 1–2 पॉइंट पर दोहरा गोला और नीचे लाइनदोहरे गोले दो से ज़्यादा तो नहीं?
R3: आप क्या करेंगे?हर पॉइंट के लिए लगभग तीन ठोस एक्शनकोई दूसरा देखकर बता सके कि हुआ या नहीं? "सावधान रहो" तो नहीं?
R4: हम यह करेंगेज़रूरी एक्शन (*) और टीम एक्शन टारगेट: "जब…, तब हम… — योशी!"हर पॉइंट पर एक ज़रूरी एक्शन? याद रखने लायक़ छोटा?
उंगली दिखाकर बोलनाछोटे वाक्य, जैसे "[चीज़] [हालत] — योशी!"असली चीज़ की तरफ़ उंगली करके बोला?
मशीन या तरीके से जुड़े विचारजिनके लिए मैनेजर, इंजीनियरिंग या प्रोसीजर बदलना ज़रूरी होकिसे देना है, और कब तक?

रोज़ काम से पहले छोटा KY कैसे करें

प्रोडक्शन फ़्लोर पर हेलमेट पहने कर्मचारी मशीन के सेफ़्टी गार्ड की तरफ़ उंगली दिखाते हुए

हर सुबह शिफ़्ट से पहले पूरा 4-राउंड तरीका करने का समय ज़्यादातर प्लांट में नहीं होता। इसलिए जापानी प्लांट वही सोच रखते हुए छोटे तरीके इस्तेमाल करते हैं।

JISHA इन तरीकों को स्तर के हिसाब से बाँटता है। टीम के लिए one-point KY या छोटा KYT (SKYT)। काम का निर्देश देने वालों के लिए निर्देश देते समय का KY और सवाल पूछकर KY। अकेले व्यक्ति के लिए individual KY या खुद से सवाल पूछने वाला कार्ड (self-questioning card)।

चित्र 4: कौन-सा छोटा KY कब करें

शिफ़्ट से पहले टीम के साथ एक तरीका, अपनी जगह पर अकेले दूसरा, और काम के ज़रूरी पल पर उंगली दिखाकर बोलना।

टीम, शिफ़्ट से पहलेTBM-KY / one-point KYसुबह की मीटिंग के बाद लगभग 5–10 मिनट। दिन का काम और ज़िम्मेदारी देखें, फिर ख़तरे का पॉइंट और एक्शन टारगेट तय करें। KY बोर्ड पर लिखें और सब मिलकर उंगली दिखाकर बोलें।
अकेले, अपनी जगह परIndividual KY / self-questioning cardअपनी जगह पर पहुँचकर अपने काम के ख़तरे और एक्शन टारगेट सोचें, फिर उंगली दिखाकर बोलें। अकेले काम या दूसरी साइट पर काम में ख़ास काम आता है।
काम के ज़रूरी पल परउंगली दिखाकर बोलनामशीन चालू करने या उसके अंदर हाथ डालने से पहले चीज़ की तरफ़ उंगली करके पक्का करें, जैसे "पावर बंद — योशी!" (मशीन के अंदर के काम में LOTO के नियम अलग से मानें)
हर तरीके में 4-राउंड का ढाँचा वही है: ख़तरे ढूँढो, छाँटो, एक्शन टारगेट बनाओ, उंगली दिखाकर पक्का करो। छोटे तरीकों में भी यह क्रम नहीं छोड़ा जाता।

स्रोत: JISHA, "Concept of Zero-accident Total Participation Campaign"; टोक्यो लेबर स्टैंडर्ड्स एसोसिएशन फ़ेडरेशन की गाइड; Safety Technology Association for Construction and Cargo Handling Vehicles, "KY Activity Practice Guide" से MONOSCOPE ने तैयार किया।

टूलबॉक्स मीटिंग (TBM) में KY

टूलबॉक्स मीटिंग (TBM) का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि टीम औज़ारों के बक्से के पास खड़े होकर काम की योजना बनाती थी। टोक्यो लेबर स्टैंडर्ड्स एसोसिएशन फ़ेडरेशन की गाइड कहती है कि TBM का मुख्य हिस्सा ख़तरा पहचानना है, और यह आम तौर पर सुबह काम शुरू होने से पहले लगभग 5–10 मिनट होती है।

TBM लंच के बाद या काम बदलते समय भी की जा सकती है। टीम लीडर दिन का काम, तैयारी और ज़िम्मेदारी बताता है, और पूरी टीम सेफ़्टी पॉइंट पक्के करती है।

एक और जापानी गाइड काम की जगह पर 3–5 मिनट के छोटे सेशन की बात करती है। इसमें KY बोर्ड पर तीन खाने होते हैं: काम, ख़तरे के पॉइंट, और "हम यह करेंगे"।

लाइन का काम रोज़ एक जैसा दिखता है, पर कुछ न कुछ बदलता है: सेटअप बदलना (changeover: मॉडल, टूल या जिग बदलना), दूसरी लाइन से आया साथी, मशीन का अजीब चलना, मटीरियल का नया लॉट। TBM-KY की शुरुआत "आज क्या अलग है?" से करें, तो बिना मेहनत के रोज़ नया विषय मिल जाता है।

One-point KY और individual KY

One-point KY उन बुनियादी तरीकों में से है जो JISHA अपनी ट्रेनिंग में 4-राउंड तरीके के साथ सिखाता है। यह टीम का तरीका है और छोटा है, इसलिए सुबह की TBM में आसानी से जुड़ जाता है।

Individual KY वह है जो कर्मचारी अकेले अपनी जगह पर काम से पहले करता है। एक जापानी गाइड इसका क्रम बताती है: काम से पहले की जाँच में कुछ पॉइंट्स की तरफ़ उंगली दिखाएँ, फिर संभावित ख़तरे के हिसाब से एक्शन टारगेट को उंगली दिखाकर बोलने वाले वाक्य में बदलें और ज़ोर से बोलें।

दूसरा तरीका है self-questioning card के सवालों को ज़ोर से बोलकर जवाब देना। यह वहाँ काम आता है जहाँ टीम KY मुश्किल हो, जैसे अकेले काम या नाइट शिफ़्ट।

Shisa kanko (shisa kosho): उंगली दिखाकर बोलना

Pointing and calling (shisa kosho या yubisashi kosho, 指差し呼称; जापानी रेलवे में shisa kanko, 指差喚呼) में कर्मचारी किसी चीज़, साइन, सिग्नल या मीटर की तरफ़ उंगली करके उसका नाम और हालत ज़ोर से बोलता है। MHLW की सुरक्षा वेबसाइट के अनुसार यह जापानी रेलवे के भाप इंजन के ड्राइवरों के सिग्नल जाँचने से शुरू हुआ। आज जापान में मैन्युफ़ैक्चरिंग समेत कई उद्योग इसे इस्तेमाल करते हैं।

चित्र 5: उंगली दिखाकर बोलने के चार स्टेप

देखो, उंगली दिखाओ, हाथ कान तक लाओ, हाथ नीचे लाओ: ये चार स्टेप हर जाँच को ज़्यादा पक्का बनाते हैं।

01चीज़ को देखेंजिस चीज़ को जाँच रहे हैं, उस पर नज़र रखें।
02उंगली दिखाएँदायाँ हाथ आगे बढ़ाकर पहली उंगली (index finger) से दिखाएँ और नाम ज़ोर से बोलें।
03हाथ कान तक लाएँदायाँ हाथ कान तक वापस लाएँ और सोचें कि सच में ठीक है या नहीं।
04"योशी!" के साथ हाथ नीचेपक्का होने पर "योशी!" बोलें और दायाँ हाथ चीज़ की तरफ़ नीचे लाएँ।

स्रोत: MHLW सुरक्षा वेबसाइट, "Pointing and Calling" से MONOSCOPE ने तैयार किया। वेबसाइट बायाँ हाथ कमर पर रखने, सीधे खड़े होने और फुर्ती से करने की सलाह देती है।

अक्सर एक प्रयोग का ज़िक्र होता है: 1994 में जापान के Railway Technical Research Institute का प्रयोग। MHLW की वेबसाइट के अनुसार ग़लत बटन दबाने की ग़लती न उंगली दिखाने और न बोलने पर 2.38% थी, सिर्फ़ बोलने पर 1.0%, और सिर्फ़ उंगली दिखाने पर 0.75%।

उंगली दिखाकर बोलने, दोनों करने पर ग़लती 0.38% रह गई, यानी लगभग छठा हिस्सा। यह लैब में बटन दबाने की ग़लती का नतीजा है। इसका मतलब यह नहीं कि प्लांट में चोटें भी छठा हिस्सा रह जाएँगी।

वही वेबसाइट साफ़ कहती है कि सिर्फ़ उंगली दिखाकर बोलने से इंसानी ग़लती ख़त्म नहीं होती। यह ध्यान बढ़ाने और जाँच को ज़्यादा सही बनाने का असरदार तरीका है।

KY, रिस्क असेसमेंट और JHA में फ़र्क

KY की तुलना अक्सर रिस्क असेसमेंट से होती है। दोनों का मक़सद पहले से ख़तरे ढूँढना है, पर कब, कहाँ, कौन और कैसे उपाय, इसमें फ़र्क है। जापान की Land Transportation Industry Accident Prevention Association की गाइड यह फ़र्क एक टेबल में बताती है।

चित्र 6: KY और रिस्क असेसमेंट

KY से टीम काम से ठीक पहले ख़तरे से बचती है। रिस्क असेसमेंट से ख़तरा ही कम किया जाता है।

KY
रिस्क असेसमेंट
कब
रोज़, या हर काम से पहले
नई मशीन, नया तरीका या प्रोसीजर आने या बदलने पर
कहाँ
ज़्यादातर काम की जगह पर
ज़्यादातर ऑफ़िस या मीटिंग रूम में
कौन
कर्मचारी और सुपरवाइज़र
कर्मचारी, सुपरवाइज़र, मैनेजर और सेफ़्टी स्टाफ़ (पूरी कंपनी)
किस पर
उस दिन का काम
मशीन, काम करने का तरीका और लिखित प्रोसीजर
कैसे
जगह देखें, ख़तरा है या नहीं समझें, और वहीं तय करें कि कैसे बचना है
रिस्क को आँकें (जैसे नंबर देकर), फिर मशीन या तरीका सुधारने में समय और पैसा लगाएँ
क्यों
दिन के काम के ख़तरे पर तुरंत कदम
ख़तरे को जड़ से कम करना

स्रोत: Land Transportation Industry Accident Prevention Association, "Introduction to Risk Assessment" की तुलना टेबल से MONOSCOPE ने तैयार किया।

दोनों साथ चलते हैं। MHLW की रिस्क असेसमेंट गाइडलाइन के नोटिस में असेसमेंट के समय देखी जाने वाली सामग्री में KY (KYT) के नतीजे भी शामिल हैं। KY में बार-बार आने वाले ख़तरे मशीन या प्रोसीजर बदलने के फ़ैसले में काम आ सकते हैं।

KY और JHA / JSA

आपके प्लांट में अमेरिकी या यूरोपीय तरीके का JHA (Job Hazard Analysis) या JSA (Job Safety Analysis) भी हो सकता है। अमेरिका की OSHA की किताब Job Hazard Analysis (OSHA 3071) के अनुसार JHA काम को स्टेप में तोड़कर, ख़तरा होने से पहले उसे पहचानने का तरीका है। इसमें कर्मचारी, काम, औज़ार और माहौल का रिश्ता देखा जाता है।

दोनों काम से पहले ख़तरे ढूँढते हैं और काम करने वालों को शामिल करते हैं। फ़र्क गहराई और कितनी बार का है। JHA लिखित विश्लेषण है, जिसे समय-समय पर दोबारा देखा जाता है। रोज़ का छोटा KY उस दिन की हालत पर बोलकर किया जाने वाला सेशन है।

KY (kiken yochi)JHA / JSA (OSHA 3071)
किसका विश्लेषणआज का काम और आज की हालतएक काम, स्टेप में तोड़कर
कौन-से कामहर काम, हर दिनपहले वे काम जिनमें चोट या बीमारी ज़्यादा होती है, गंभीर चोट का ख़तरा है, नए या बदले हुए काम, और लिखित निर्देश की ज़रूरत वाले जटिल काम
कौनटीम और उसका लीडर, जगह परमालिक, फ़ोरमैन और सुपरवाइज़र, हर चरण में कर्मचारियों के साथ
नतीजा1–2 ख़तरे के पॉइंट, टीम एक्शन टारगेट, उंगली दिखाकर बोलने वाले पॉइंटहर स्टेप के ख़तरे और उपाय का लिखित विश्लेषण (OSHA का नमूना फ़ॉर्म है)
दोबारा देखनाहर शिफ़्ट या हर काम पर दोहराया जाता हैसमय-समय पर, ख़ासकर उस काम में चोट या बीमारी के बाद
मुख्य मक़सदकाम से ठीक पहले ध्यान तेज़ करना और व्यवहार पर सहमतिबिना नियंत्रण वाले ख़तरे ढूँढना और सही प्रोसीजर व उपाय तय करना

MONOSCOPE की राय में JHA, KY से ज़्यादा रिस्क असेसमेंट के क़रीब है। जिस प्लांट में JHA है, उसे एक चुनना नहीं पड़ता। JHA काम का प्रोसीजर और उपाय तय करता है, रोज़ का KY देखता है कि आज क्या अलग है। KY में बार-बार आने वाले ख़तरे JHA दोबारा देखने की वजह बन सकते हैं।

KY और मशीन की सुरक्षा

MHLW की रिस्क असेसमेंट गाइडलाइन रिस्क कम करने के उपायों का क्रम तय करती है। पहले डिज़ाइन और योजना के समय ही ख़तरनाक काम हटाना या बदलना। फिर इंजीनियरिंग उपाय, जैसे इंटरलॉक और लोकल एग्ज़ॉस्ट। फिर मैनुअल और ट्रेनिंग जैसे प्रशासनिक उपाय, और आख़िर में PPE (निजी सुरक्षा उपकरण)। इसे "hierarchy of controls" भी कहते हैं।

चित्र 7: रिस्क कम करने के क्रम में KY की जगह

ऊपर के उपायों के बाद जो ख़तरा बचता है, उसे KY रोज़ संभालता है।

1. ख़तरा ही हटानाडिज़ाइन या योजना के समय ख़तरा हटाना या कम करना: ख़तरनाक काम बंद करना या बदलना, कम ख़तरनाक मटीरियल लेना
जो ख़तरा बचे
2. इंजीनियरिंग उपायगार्ड, इंटरलॉक, सेफ़्टी डिवाइस, लोकल एग्ज़ॉस्ट
जो ख़तरा बचे
3. प्रशासनिक उपायमैनुअल, जगह में आने पर रोक, ट्रेनिंग। KY और उंगली दिखाकर बोलना मुख्य रूप से यहाँ आते हैं
जो ख़तरा बचे
4. PPE (निजी सुरक्षा उपकरण)सेफ़्टी चश्मा, सुरक्षा दस्ताने, रेस्पिरेटर। ऊपर के उपायों की जगह कभी नहीं ले सकते

स्रोत: MHLW, "Guidelines for Investigation of Danger or Harm" और उसके नोटिस से MONOSCOPE ने तैयार किया। KY को प्रशासनिक उपाय में रखना MONOSCOPE की समझ है।

JISHA भी कहता है कि इंसानी ग़लती वाले हादसे रोकने की शुरुआत मशीन, उपकरण और काम के माहौल की सुरक्षा से होती है। KYT और उंगली दिखाकर बोलना इनके साथ चलने वाले, इंसान की तरफ़ के उपाय हैं।

जिस मशीन में फँसने का ख़तरा है, उस पर रोज़ KY करने से ग़ायब गार्ड या इंटरलॉक की कमी पूरी नहीं होती। रुकी हुई मशीन पर मेंटेनेंस के काम में भी KY काफ़ी नहीं है। ऐसे काम में LOTO (lockout/tagout) जैसा सिस्टम चाहिए, जिसमें बिजली और दूसरी ऊर्जा के स्रोत अलग करके ताला और टैग लगाया जाता है।

KY और कानून: जापान और भारत

जापान के Industrial Safety and Health Act और उसके Ordinance में, हमारी जाँच के हिसाब से, KY का नाम लेकर इसे ज़रूरी करने वाली कोई धारा नहीं है। जापान का कानून भारत के प्लांट पर लागू भी नहीं होता। इसलिए जापानी कंपनी का "KY करो" कहना कंपनी की सेफ़्टी नीति है, जापान के कानून की शर्त नहीं। भारत में आपके प्लांट की कानूनी ज़िम्मेदारियाँ अलग से देखनी होंगी।

जापान में इससे जुड़े नियम ज़रूर हैं। ख़तरे का आकलन करने की "कोशिश" की ज़िम्मेदारी है (कुछ केमिकल का आकलन अलग धारा से ज़रूरी है), और नए कर्मचारी, काम बदलने वाले कर्मचारी व नए फ़ोरमैन की सेफ़्टी ट्रेनिंग ज़रूरी है। फ़ोरमैन ट्रेनिंग (Ordinance धारा 40) में ख़तरे का आकलन और कर्मचारियों से सुरक्षा के सुझाव निकलवाना भी शामिल है। KY को इन ट्रेनिंग और फ़्लोर की सुरक्षा गतिविधियों को करने का एक व्यावहारिक तरीका समझें।

भारत में कारखानों की सुरक्षा पहले Factories Act 1948 के तहत थी। केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार 21 नवंबर 2025 से Occupational Safety, Health and Working Conditions Code 2020 (OSH Code) लागू हुआ, जो Factories Act समेत 13 पुराने कानूनों की जगह लेता है। नियम (rules) राज्य सरकारें भी बनाती हैं, इसलिए हरियाणा, राजस्थान या उत्तर प्रदेश में आज कौन-सा नियम लागू है, यह अपनी HR / EHS टीम से पक्का करें।

हमें मिली सामग्री में भारत के कानून में KY का नाम लेकर कोई शर्त नहीं मिली। OSH Code में सेफ़्टी कमेटी और सेफ़्टी ऑफ़िसर (जैसे 500 या ज़्यादा कर्मचारियों वाले कारखाने में) जैसे प्रावधान हैं, जिनकी बारीकी केंद्र और राज्य के rules पर निर्भर है। KY इनकी ट्रेनिंग व रोज़ की सुरक्षा गतिविधियों में मदद कर सकता है। पर KY करने से कानूनी ज़िम्मेदारी पूरी हो जाती है, ऐसा मानकर न चलें।

BIS (Bureau of Indian Standards) ने सेफ़्टी मैनेजमेंट सिस्टम का अंतरराष्ट्रीय मानक ISO 45001 को IS/ISO 45001:2018 के रूप में अपनाया है। यह पूरे सिस्टम का मानक है, KY जैसी किसी गतिविधि का नहीं। अगर आपका प्लांट ISO 45001 वाला है, तो KY के रिकॉर्ड उसकी ख़तरा पहचान और कर्मचारियों की भागीदारी से कैसे जुड़ें, यह सेफ़्टी टीम से पूछें।

KY खानापूर्ति क्यों बन जाता है, और क्या मदद करता है

KY के खानापूर्ति बनने के सारे कारण किसी एक सरकारी सामग्री में नहीं मिले। नीचे की टेबल में JISHA, MHLW और जापानी उद्योग संस्थाओं के बताए तरीकों के आधार पर आम लक्षण और उपाय दिए गए हैं।

एक जापानी सुरक्षा ट्रेनिंग संस्था की सामग्री चेतावनी देती है कि सिर्फ़ उंगली दिखाने और KYT की रस्म निभाने से असली ज़ीरो एक्सीडेंट अभियान नहीं बनता। जब तक हर व्यक्ति सुरक्षा को अपनी बात मानकर खुद हिस्सा न ले, यह जल्दी ठंडा पड़ जाता है। खानापूर्ति तरीके की समस्या भी है, और चलाने वालों के रवैये की भी।

चित्र 8: KY खानापूर्ति के लक्षण और उन्हें ठीक करने के तरीके

हर लक्षण के साथ उसकी संभावित वजह और आज़माने लायक़ उपाय।

लक्षण
संभावित वजह
क्या आज़माएँ
रोज़ वही बात
विषय हमेशा "रोज़ का काम" है, इसलिए बात नहीं बदलती
"आज क्या अलग है?" से शुरू करें। नियर मिस और पुराने हादसों को विषय बनाएँ
उपाय "सावधान रहो"
राउंड 3 ठोस एक्शन तक नहीं पहुँचता, इसलिए टारगेट जाँचा नहीं जा सकता
ऐसे ठोस एक्शन में बदलें जिसे कोई देखकर जाँच सके
लोगों को लगता है ज़बरदस्ती है
लिखा हुआ कोई नहीं पढ़ता, मैनेजर दिलचस्पी नहीं दिखाते
मैनेजर फ़्लोर पर पूछें, "आज का ख़तरे का पॉइंट क्या है?"
समय नहीं
टीम हर सुबह चारों राउंड करने की कोशिश करती है और छोड़ देती है
पूरी ट्रेनिंग अलग से करें (जैसे महीने में एक बार), सुबह 3–10 मिनट का one-point KY रखें
फ़ैसले ग़ायब
मशीन के सुधार के विचार आते हैं पर सेशन के बाद खो जाते हैं
मशीन और प्रोसीजर के विचार लिखें, ऊपर भेजें, रिस्क असेसमेंट में जोड़ें

लक्षणों का बँटवारा MONOSCOPE का है। उपाय MHLW, JISHA, टोक्यो लेबर स्टैंडर्ड्स एसोसिएशन फ़ेडरेशन और जापानी उद्योग संस्थाओं के बताए तरीकों पर आधारित हैं।

रोज़ विषय बदलें

जहाँ बोर्ड पर रोज़ वही बात है, वहाँ सुधार विषय से शुरू होता है। एक जापानी गाइड KYT के लिए सलाह देती है: रोज़ के काम से जाने-पहचाने विषय लें, हालत छोटी और साफ़ रखें, और सिर्फ़ असुरक्षित व्यवहार नहीं, हर तरफ़ से समस्या देखें।

अपने फ़्लोर की नियर मिस (हादसा होते-होते बचा) रिपोर्ट विषय का आसान स्रोत है। टोक्यो लेबर स्टैंडर्ड्स एसोसिएशन फ़ेडरेशन की गाइड भी KYT में नियर मिस रिपोर्ट इस्तेमाल करने की सलाह देती है।

"सावधान रहो" को एक्शन में बदलें

MHLW का तरीका कहता है कि राउंड 3 के उपाय ठोस और करने लायक़ एक्शन हों। Individual KY की गाइड भी कहती है कि गोल-मोल शब्द नहीं, साफ़ और समझने में आसान एक्शन टारगेट रखें।

आसान जाँच यह है: क्या कोई तीसरा व्यक्ति देखकर "हुआ" या "नहीं हुआ" कह सकता है? "पैर संभालकर चलो" इस जाँच में फ़ेल है। "रास्ते में पार्ट का डिब्बा न रखो" और "ट्रॉली को धक्का दो, खींचो नहीं" पास हैं।

लीडर अगर पूछे, "क्या यह ऐसा काम है जो किसी को करते हुए देखा जा सके?", तो टारगेट अपने आप बेहतर बनते हैं।

मैनेजर दिलचस्पी दिखाएँ

JISHA के ज़ीरो एक्सीडेंट सेंटर के प्रमुख ने एक इंटरव्यू में कहा कि जब लीडर और मैनेजर पूछते हैं, "आज के काम में ख़तरा क्या है?" या "आज सुबह क्या उंगली दिखाकर बोलना तय किया?", तो कर्मचारियों में अपनापन आता है और KY थोपा हुआ नहीं लगता।

KY बोर्ड पढ़कर उस पर दो बात कहना, मैनेजर की सबसे आसान मदद है। जब एक ही ख़तरा बार-बार आए, तो आम तौर पर वजह मशीन या प्रोसीजर में होती है, कर्मचारियों की लापरवाही में नहीं।

जब एक्शन टारगेट सामने के ख़तरे को संभालें और सुधार के विचार मशीन बदलने और वर्क स्टैंडर्ड सुधारने तक पहुँचें, तब KY सुबह की रस्म नहीं रहता, कार्यस्थल बदलने लगता है।

भारत के प्लांट में KY को अपने हिसाब से ढालें

नए साथियों के लिए "KY" और "TBM" जैसे शब्द आम तौर पर अनजान होते हैं। टोक्यो लेबर स्टैंडर्ड्स एसोसिएशन फ़ेडरेशन की गाइड कहती है कि गतिविधि का मक़सद और तरीका पूरा समझाएँ, और ऐसा माहौल बनाएँ कि लोग खुलकर बोल सकें। जापान में यह बात मिली-जुली टीमों के लिए कही गई है, पर जब पूरा प्लांट KY में नया हो, तब भी यही ज़रूरत है।

तस्वीरें, फ़ोटो और असली चीज़ें, जिनकी तरफ़ उंगली दिखाई जा सके, भाषा की दीवार पार करना आसान बनाती हैं। जापान से आई सामग्री लागू करने से पहले अपनी टीम और जापानी पक्ष के साथ ये बातें देख लें (यह लिस्ट MONOSCOPE ने बनाई है):

  • भाषा: KYT शीट और KY बोर्ड उस भाषा में हैं जो लाइन पर बोली जाती है (हिंदी या हिंदी-अंग्रेज़ी), सिर्फ़ जापानी या अंग्रेज़ी में नहीं?
  • मक़सद: किसी ने समझाया है कि "योशी!" बोलकर उंगली क्यों दिखाते हैं, या सिर्फ़ नक़ल करने को कहा गया? "योशी" बोलेंगे या "ठीक है"?
  • तस्वीरें: तस्वीर वाली शीट में आपकी मशीनें और आपका लेआउट है, या कोई जापानी प्लांट जो टीम ने कभी देखा नहीं?
  • नए और ठेके वाले साथी: नए जॉइन करने वाले और ठेके (contract) पर आए साथी भी KY में शामिल होते हैं और बोल पाते हैं?
  • खुलकर बोलना: क्या कर्मचारी सुपरवाइज़र के सामने ख़तरा बता सकता है, बिना इसे शिकायत समझे जाने के डर के?
  • आगे की कार्रवाई: KY शीट के मशीन सुधार के सुझाव कौन लेता है, और टीम को जवाब कैसे मिलता है?
  • मौजूदा सिस्टम से जुड़ाव: KY आपके JHA, रिस्क असेसमेंट, वर्क परमिट और LOTO से कैसे जुड़ेगा?

KY शुरू या दोबारा शुरू कैसे करें

चाहे KY नया शुरू कर रहे हों या खानापूर्ति बन चुके KY को फिर से खड़ा कर रहे हों, सीधे रोज़ का KY बोर्ड लगाने से बेहतर यह क्रम टिकता है:

  1. 4-राउंड की ट्रेनिंग: टीम लीडर तस्वीर वाली शीट से चारों राउंड करके तरीका और बोलने का ढंग सीखें।
  2. हर सुबह छोटा KY: TBM में one-point KY जोड़ें और ख़तरे का पॉइंट व एक्शन टारगेट तय करें।
  3. रिकॉर्ड देखें: हफ़्ते में एक बार KY बोर्ड देखें, बार-बार आने वाले ख़तरे और मशीन सुधार के सुझाव छाँटें।
  4. सुधार से जोड़ें: बार-बार आने वाले ख़तरे रिस्क असेसमेंट या वर्क स्टैंडर्ड की समीक्षा में भेजें, और नतीजा टीम को बताएँ।

जापान में टीम लीडर JISHA और क्षेत्रीय सुरक्षा संस्थाओं के कोर्स कर सकते हैं। JISHA का एक दिन का कोर्स ज़ीरो एक्सीडेंट अभियान की सोच और KYT 4-राउंड तरीके को, one-point KYT जैसे तरीकों की प्रैक्टिस के साथ सिखाता है। भारत के प्लांट में ऐसी ट्रेनिंग कहाँ से मिलेगी, यह जापानी पक्ष से पूछें।

तुरंत काम आने वाली चीज़: टीम लीडर की KY चेकलिस्ट और जापानी पक्ष से सवाल

सुबह का KY ख़त्म होने से पहले, टीम लीडर ये पाँच बातें जाँच सकता है:

  • आज क्या अलग है (सेटअप बदलना, नया साथी, मशीन की हालत, नया लॉट), यह बात हुई?
  • ख़तरा "[वजह] की वजह से, [क्या होगा], और [कैसी चोट]" के रूप में बोला गया?
  • ख़तरे के पॉइंट 1–2 ही हैं?
  • एक्शन टारगेट ऐसा है जिसे कोई देखकर "हुआ / नहीं हुआ" कह सके?
  • मशीन या प्रोसीजर से जुड़ा कोई विचार आया, तो वह लिखकर सुपरवाइज़र को दिया?

जापानी पक्ष (पैरेंट कंपनी या जापानी स्टाफ़) से पूछने लायक़ सवाल:

  • आप कौन-से KY तरीके चाहते हैं: पूरी 4-राउंड ट्रेनिंग, one-point KY, individual KY?
  • कितनी बार करना है?
  • कौन-से रिकॉर्ड चाहिए, और उन्हें कौन देखेगा?
  • टीम लीडर के लिए कोई ट्रेनिंग कोर्स या ट्रेनर है?
  • आपकी KY मैनुअल में राउंड के नाम, शीट का ढाँचा और बोलने के वाक्य इस लेख से अलग हैं क्या?

इस गाइड की सीमाएँ

  • यहाँ बताया गया तरीका JISHA और MHLW की सामग्री पर आधारित है। कंपनियाँ इसमें बदलाव कर सकती हैं, इसलिए अपनी कंपनी की KY मैनुअल देखें।
  • ड्रिल प्रेस वाली शीट ट्रेनिंग का काल्पनिक उदाहरण है, सुरक्षित काम का प्रोसीजर नहीं। असली नियम आपके प्लांट के वर्क स्टैंडर्ड, मशीन की मैनुअल और स्थानीय कानून से आते हैं।
  • जापान के कानून सिर्फ़ जापान में लागू होते हैं। भारत के कानून (OSH Code और राज्य के नियम) के बारे में यहाँ थोड़ी ही जानकारी है; पक्की जानकारी अपनी EHS / HR टीम से लें।
  • KY, इंजीनियरिंग उपाय, LOTO, रिस्क असेसमेंट या JHA की जगह नहीं लेता, उनकी मदद करता है।
  • 1994 का उंगली दिखाकर बोलने वाला नतीजा लैब में बटन दबाने की ग़लती का है। इससे प्लांट की चोटों का अंदाज़ा नहीं लगता।
मुख्य बातें
  • KY के दो हिस्से हैं: तरीका सिखाने वाली ट्रेनिंग (KYT), और काम से पहले उंगली दिखाकर बोलने वाला छोटा KY।
  • KYT का 4-राउंड तरीका दो बार फैलाता और छाँटता है: ख़तरे ढूँढो, मुख्य पॉइंट चुनो, उपाय सोचो, टारगेट तय करो।
  • उपाय और एक्शन टारगेट ऐसे हों जिन्हें कोई देखकर जाँच सके।
  • जापान और भारत के कानून में KY का नाम लेकर कोई शर्त हमें नहीं मिली, और KY मशीन या प्रोसीजर के उपायों की जगह नहीं लेता।
  • KY में बार-बार आने वाले ख़तरे रिस्क असेसमेंट या JHA में जाने चाहिए।
  • KY ज़िंदा रखने के लिए: रोज़ विषय बदलें, मैनेजर सवाल पूछें, और सुधार के विचारों को ऊपर पहुँचने का रास्ता दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सेफ़्टी में KY का मतलब क्या है?

KY यानी kiken yochi (किकेन योची), मतलब "ख़तरे को पहले से पहचानना"। KYT उसकी ट्रेनिंग है, जो छोटी टीम में होती है। KYK (kiken yochi katsudo) रोज़ का पूरा KY कार्यक्रम है।

KYT के चार राउंड कौन-से हैं?

राउंड 1 "यहाँ कौन-से ख़तरे छिपे हैं?", राउंड 2 "ये हैं ख़तरे के पॉइंट", राउंड 3 "आप क्या करेंगे?", राउंड 4 "हम यह करेंगे"। टीम ख़तरे गिनाती है, 1–2 मुख्य पॉइंट चुनती है, उपाय सोचती है, फिर ज़रूरी एक्शन और टीम एक्शन टारगेट तय करती है।

रोज़ का KY कितनी देर का हो?

जापानी गाइड सुबह शिफ़्ट से पहले की TBM को लगभग 5–10 मिनट बताती हैं, और कुछ गाइड काम की जगह पर 3–5 मिनट के सेशन की बात करती हैं। पूरी 4-राउंड ट्रेनिंग ज़्यादा समय लेती है, इसलिए उसे आम तौर पर रोज़ के KY से अलग किया जाता है।

क्या भारत के कानून में KY करना ज़रूरी है?

हमें मिली सामग्री में भारत के कानून में KY का नाम लेकर कोई शर्त नहीं मिली। 21 नवंबर 2025 से OSH Code 2020 लागू है, जिसमें सेफ़्टी कमेटी और ट्रेनिंग जैसे प्रावधान हैं। KY इनमें मदद कर सकता है, पर आपके प्लांट पर कौन-से नियम लागू हैं, यह अपनी EHS / HR टीम से पक्का करें।

क्या उंगली दिखाकर बोलने (shisa kanko) से सच में ग़लती कम होती है?

1994 में जापान के Railway Technical Research Institute के लैब प्रयोग में बटन दबाने की ग़लती, कुछ न करने पर 2.38% थी और उंगली दिखाकर बोलने पर 0.38%, यानी लगभग छठा हिस्सा। MHLW कहता है कि सिर्फ़ इससे इंसानी ग़लती पूरी ख़त्म नहीं होती।

स्रोत

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संपादक के बारे में

MONOSCOPE संपादकीय टीमFOUNDER & EDITOR

प्लांट उपकरण निर्माता और प्लांट इंजीनियरिंग कंपनी में लगभग दस साल तक उपकरणों के प्रस्ताव, डिज़ाइन और कमीशनिंग का काम करने के बाद डिजिटल मार्केटिंग में आए। आज B2B निर्माताओं को वेब कंसल्टिंग देते हैं, ताकि वे अपने उत्पाद और तकनीक आसानी से समझा सकें। जापान के राष्ट्रीय लाइसेंस Energy Manager और तृतीय श्रेणी चीफ़ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर धारक।

2017 से एक इंजीनियरिंग ब्लॉग (500 से ज़्यादा लेख) और लगभग 20,000 सब्सक्राइबर वाला जापानी YouTube चैनल चलाते हैं। हर गाइड जापानी शॉप फ़्लोर के नज़रिए से लिखा जाता है और उद्धृत मानकों से मिलाकर जाँचा जाता है।

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