जापानी रिस्क असेसमेंट (RA) कैसे करें: 6 स्टेप और मैट्रिक्स

नई लाइन शुरू होने से पहले आपकी जापानी कंपनी या कस्टमर एक "रिस्क असेसमेंट" शीट भेजता है। उसमें "गंभीरता" और "संभावना" के कॉलम हैं, 4×4 का मैट्रिक्स है, "उपाय से पहले का रिस्क" और "उपाय के बाद का रिस्क" के कॉलम हैं, और लिखा है कि उपाय पूरे होने तक काम शुरू नहीं होगा। जापानी लोग इसे अक्सर सिर्फ़ RA कहते हैं।
यह शीट जापान के स्वास्थ्य-श्रम मंत्रालय (MHLW) की 2006 की एक गाइडलाइन से आती है। इस लेख में आसान भाषा में बताया गया है कि जापानी प्लांट इस गाइडलाइन के हिसाब से RA कैसे करते हैं, स्टेप दर स्टेप। साथ में JHA/JSA और ISO 12100 से इसका फ़र्क़ भी है, और अंत में कुछ सवाल हैं जो शीट भरने से पहले जापानी टीम से पूछ लेने चाहिए।
यह लेख तरीक़े और काग़ज़ों की जानकारी देता है, यह काम करने की हिदायत (work instruction) नहीं है। आपके प्लांट में असल में क्या करना है, यह आपके सेफ्टी स्टाफ़ और आपके यहाँ लागू क़ानून तय करते हैं।
विषय-सूची
- जापानी प्लांट में "रिस्क असेसमेंट" का मतलब
- जापानी RA, JHA और ISO 12100 में फ़र्क़
- कब और कौन करता है
- जापानी रिस्क असेसमेंट के 6 स्टेप
- स्टेप 1-2: तैयारी और ख़तरे पहचानना
- स्टेप 3: रिस्क आँकना
- स्टेप 4-5: क्रम तय करना और रिस्क घटाना
- स्टेप 6: रिकॉर्ड, जानकारी और रिव्यू
- RA सिर्फ़ खानापूर्ति क्यों बन जाता है
- जापानी RA शीट के शब्द: झटपट सूची
- जापानी RA शीट भरने से पहले ये सवाल पूछें
- इस लेख की सीमाएँ
- सार
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
जापानी प्लांट में "रिस्क असेसमेंट" का मतलब

जापान में रिस्क असेसमेंट का मतलब है: काम की जगह के ख़तरे ढूँढना, हर ख़तरे का रिस्क इस आधार पर आँकना कि चोट या बीमारी कितनी गंभीर हो सकती है और कितनी आसानी से हो सकती है, और फिर बड़े रिस्क से शुरू करके उन्हें घटाना। क़ानून में इसका नाम kiken-sei mata wa yugai-sei to no chosa है, यानी "ख़तरे या नुक़सान की जाँच"। MHLW की व्याख्या के मुताबिक़ यह वही चीज़ है जिसे ILO वगैरह risk assessment कहते हैं।
जापान के सेफ्टी क़ानून में कुछ न्यूनतम शर्तें हैं जो हर कंपनी को माननी ही पड़ती हैं। रिस्क असेसमेंट उनके ऊपर की चीज़ है: कंपनी अपनी मशीनों, मटीरियल और काम करने के तरीक़े के हिसाब से ख़ुद ख़तरे खोजती है।
ज़िम्मेदारी कितनी सख़्त है, यह ख़तरे के प्रकार पर निर्भर करती है:
- मशीन और आम काम: जापान के Industrial Safety and Health Act की धारा 28-2 में यह "कोशिश करने की ज़िम्मेदारी" (effort duty) है, यानी कंपनी को करने की कोशिश करनी है, पर यह सख़्त बाध्यता नहीं है। केमिकल के अलावा बाक़ी ख़तरों के लिए यह मैन्युफ़ैक्चरिंग और कुछ दूसरी इंडस्ट्री पर लागू है।
- जिन केमिकल पर लेबल या SDS ज़रूरी है: धारा 57-3 के तहत रिस्क असेसमेंट करना ज़रूरी है।
दोनों को रिस्क असेसमेंट कहते हैं, पर क़ानूनी आधार और ज़िम्मेदारी की सख़्ती अलग है।
केमिकल के अलावा ख़तरों की जानकारी MHLW की "ख़तरे या नुक़सान की जाँच" वाली गाइडलाइन में है। मशीनों की अपनी अलग गाइडलाइन है: MHLW के मशीन सेफ्टी के व्यापक स्टैंडर्ड।
MHLW के आँकड़ों के मुताबिक़ 2025 में जापान की मैन्युफ़ैक्चरिंग में काम से जुड़े हादसों में 115 लोगों की मौत हुई, और 26,371 लोगों की या तो मौत हुई या वे 4 दिन या उससे ज़्यादा काम से बाहर रहे। सबसे आम हादसा था मशीन में हाथ या शरीर का फँसना (hasamare / makikomare): 5,992 मामले। इसी से 47 मौतें हुईं, यानी मैन्युफ़ैक्चरिंग की कुल मौतों का क़रीब 40%।
मशीन में फँसने वाले हादसे RA के लिए सबसे सही बैठते हैं। अगर पहले से लिख लिया जाए कि मशीन के किस हिस्से में, किस काम के दौरान हाथ अंदर जाता है, तो किसी के घायल होने से पहले बहुत कुछ ठीक किया जा सकता है।
ये जापानी क़ानून जापान की फ़ैक्टरियों पर लागू होते हैं। भारत में फ़ैक्टरी की सेफ्टी Factories Act 1948 और 2020 के OSH Code जैसे भारतीय क़ानूनों के तहत आती है। किस राज्य में कौन-सा नियम किस रूप में लागू है, यह अलग हो सकता है, इसलिए अपने सेफ्टी या HR ऑफ़िसर से पूछें। जापानी पैरेंट कंपनी फिर भी अपना फ़ॉर्मैट कंपनी स्टैंडर्ड के तौर पर माँग सकती है।
जापानी RA, JHA और ISO 12100 में फ़र्क़
अमेरिकी कस्टमर या पुरानी कंपनी के कारण कई लोग JHA (Job Hazard Analysis) या JSA जानते हैं। तीनों का मक़सद एक है: किसी के घायल होने से पहले ख़तरे ढूँढना और बड़े ख़तरे पहले ठीक करना। फ़र्क़ यह है कि कौन किसके लिए करता है और किस चीज़ को जाँचता है।
| जापानी RA (MHLW गाइडलाइन) | JHA/JSA (अमेरिका, OSHA 3071) | ISO 12100 (मशीन का डिज़ाइन) | |
|---|---|---|---|
| कौन करता है | कंपनी, अपनी काम की जगह के लिए | कंपनी, काम करने वालों के साथ | मशीन बनाने वाली कंपनी (डिज़ाइनर) |
| किसकी जाँच | वर्कप्लेस के काम और मशीनें, नॉन-रूटीन काम समेत | एक-एक जॉब, स्टेप में बाँटकर | एक मशीन, उसकी पूरी उम्र के लिए |
| रिस्क कैसे आँकते हैं | गंभीरता × संभावना (मैट्रिक्स, पॉइंट या risk graph) | जिन जॉब में ख़तरा सबसे ज़्यादा या सबसे गंभीर हो, उन्हें पहले जाँचते हैं | नुक़सान की गंभीरता और होने की संभावना |
| उपायों का क्रम | पहले क़ानूनी शर्तें, फिर inherent → engineering → administrative → PPE | engineering (elimination और substitution समेत) → administrative → PPE | inherently safe डिज़ाइन → safeguarding और अतिरिक्त उपाय → इस्तेमाल की जानकारी |
| रिकॉर्ड | 5 चीज़ें, तारीख़ और करने वाले का नाम; अगले असेसमेंट तक | हर जॉब का लिखित विश्लेषण | बचा हुआ रिस्क मैन्युअल में लिखा जाता है |
ISO 12100 का जापानी रूप JIS B 9700 है। भारत के BIS (IS स्टैंडर्ड) में भी मशीन की सेफ्टी पर स्टैंडर्ड हैं; ISO 12100 से इनका मेल कितना है, इसे "बिल्कुल एक जैसा" मानकर न चलें, अपने सेफ्टी ऑफ़िसर या सप्लायर से पूछ लें।
अगर आप JHA करते आए हैं, तो जापानी तरीक़े की ये बातें अलग लगेंगी:
- कैलेंडर से नहीं, बदलाव से शुरू होता है। नई मशीन, नया मटीरियल या नई प्रोसेस आने पर RA होता है, और काम शुरू होने से पहले रिस्क घटाने का काम पूरा होना चाहिए।
- क़ानूनी शर्तें पहले। जो क़ानून में ज़रूरी है, वह रिस्क स्कोर चाहे जो हो, किया ही जाता है।
- सबसे बुरी हालत की गंभीरता। गंभीरता उस सबसे बड़ी चोट से आँकी जाती है जो समझदारी से हो सकती है, उससे नहीं जो अब तक देखी गई।
- "पहले और बाद" का स्कोर। शीट में उपाय के बाद का रिस्क भी लिखा जाता है, और वही बचा हुआ रिस्क अगले राउंड की दिशा तय करता है।
- शोकुचो (shokucho, फ़ोरमैन) का केंद्रीय रोल। सेफ्टी स्टाफ़ पूरी प्रक्रिया चलाते हैं, पर ख़तरे पहचानने और उपाय सुझाने का मुख्य काम काम के सबसे नज़दीक के लोग करते हैं।
- मशीन बनाने वाले का बचा हुआ रिस्क इनपुट है। नई मशीन के लिए गाइडलाइन कहती है कि मशीन बनाने वाले का अपना RA और उसके नतीजे माँगे जाएँ।
गाइडलाइन यह भी कहती है कि उपाय उतना ऊपर के क्रम का चुनें जितना हो सके। सिर्फ़ तब छूट है जब उसका बोझ फ़ायदे के मुक़ाबले बहुत ज़्यादा हो और उसे माँगना साफ़ तौर पर बेतुका हो।
KY, नियर मिस और FMEA से फ़र्क़
जापानी प्लांट में कई मिलती-जुलती गतिविधियाँ चलती हैं। इन्हें गड़बड़ा देने से "हम KY करते हैं, तो RA की ज़रूरत नहीं" जैसी बात निकल आती है। हर एक का अपना रोल है।
इनका मक़सद और समय अलग है, इसलिए प्लांट इन्हें एक-दूसरे की जगह नहीं, मिलाकर इस्तेमाल करते हैं।
KY या नियर मिस में मिले ख़तरे RA में डाल दिए जाएँ तो उनका हल मशीन के स्तर तक पहुँचने की संभावना बढ़ती है।
रोज़ की आदत के लिए KY ट्रेनिंग वाला लेख देखें , नियर मिस रिपोर्ट के लिए hiyari hatto वाला लेख । FMEA भी गंभीरता और बारंबारता से क्रम बनाता है, पर वह प्रोडक्ट और प्रोसेस की गड़बड़ी देखता है । फ़र्क़ याद रखने का आसान तरीक़ा: RA उन रास्तों को देखता है जिनसे किसी इंसान को चोट लगती है।
कब और कौन करता है

बहुत लोग सोचते हैं कि RA साल में एक बार होने वाली चीज़ है। गाइडलाइन चाहती है कि जब भी काम की जगह का रिस्क बदले, तब RA हो। वह यह भी तय करती है कि अगुवाई कौन करे और विश्लेषण कौन।
कब करना है
गाइडलाइन में ये मौक़े बताए गए हैं:
- जब इमारत बने, शिफ़्ट हो, बदली जाए या तोड़ी जाए
- जब नई मशीन आए या मौजूदा मशीन में बदलाव हो
- जब नया कच्चा माल आए या मौजूदा बदला जाए
- जब काम का तरीक़ा या प्रोसेस नई शुरू हो या बदले
- जब कोई हादसा हो और पता चले कि पिछले असेसमेंट में कमी थी
- जब पिछले असेसमेंट के बाद काफ़ी समय बीत गया हो, मशीनें पुरानी हो गई हों, वर्कर बदल गए हों या नई जानकारी जमा हो गई हो
नई मशीन और बदली प्रोसेस के लिए ज़रूरी बात है: काम शुरू होने से पहले रिस्क घटाने के उपाय पूरे कर लेना। गाइडलाइन यह भी कहती है कि बेहतर है कि असेसमेंट प्लानिंग के दौर में ही हो जाए। मशीन लग जाने के बाद ज़्यादातर बाद में जोड़े गए कवर और चेतावनी के बोर्ड ही रह जाते हैं।
नई लाइन और मशीन अपग्रेड की प्लानिंग करने वाले प्रोडक्शन इंजीनियर (seisan gijutsu) अगर शुरुआती आइडिया के दौर से ही असेसमेंट में शामिल हों, तो ख़तरे को बाद में गार्ड से ढकने के बजाय डिज़ाइन में ही हटाने का मौक़ा बढ़ता है ।
किसका क्या रोल है
गाइडलाइन में रोल बँटे हैं: साइट का हेड पूरे काम की निगरानी करता है, सेफ्टी मैनेजर उसे चलाते हैं, और काम को सबसे अच्छी तरह जानने वाले शोकुचो (फ़ोरमैन) विश्लेषण करते हैं। जो लोग काम नहीं जानते, उनका डेस्क पर बैठकर किया गया असेसमेंट अक्सर असल बात छोड़ देता है।
तीन स्तर: निगरानी, मैनेजमेंट और विश्लेषण। साथ में वर्कर और एक्सपर्ट भी शामिल होते हैं।
गाइडलाइन कंपनी से यह भी माँगती है कि जुड़े लोगों को ट्रेनिंग दी जाए।
टॉप मैनेजमेंट इसलिए जुड़ता है कि नतीजों से अक्सर महँगे फ़ैसले निकलते हैं, जैसे मशीन में बदलाव या काम का तरीक़ा बदलना। जापान में प्लांट हेड (kojo-cho) अक्सर क़ानूनी तौर पर "जनरल सेफ्टी एंड हेल्थ मैनेजर" भी होता है ।
जापानी रिस्क असेसमेंट के 6 स्टेप
गाइडलाइन चार काम बताती है: ख़तरे पहचानना, रिस्क आँकना, क्रम तय करके रिस्क घटाने के उपाय सोचना, और उपाय लागू करना। साथ में रिकॉर्ड रखना है। असल में पहचान से पहले तैयारी होती है और उपाय के बाद जाँच, इसलिए इस लेख में काम को 6 स्टेप में रखा गया है।
एक चक्र तभी पूरा होता है जब उपाय लगने के बाद रिस्क दोबारा आँक लिया जाए।
यह MHLW की गाइडलाइन के कामों और रिकॉर्ड को 6 व्यावहारिक स्टेप में सजाने का इस लेख का तरीक़ा है।
स्टेप 1-2: तैयारी और ख़तरे पहचानना

असेसमेंट की ज़्यादातर क्वालिटी इन्हीं दो स्टेप में तय हो जाती है। जो ख़तरा छूट गया, उसे न आँका जाएगा, न ठीक किया जाएगा।
जाँचने वाले काम चुनना
काम की जगह की हर हरकत को जाँचना बहुत बड़ा काम होगा। गाइडलाइन उन चोटों और बीमारियों पर ध्यान देती है जो "समझदारी से पहले से सोची जा सकती हैं", जैसे वे काम जिनमें पहले हादसे या ख़तरनाक घटनाएँ हो चुकी हैं। साफ़ तौर पर मामूली चीज़ें, जैसे समतल रास्ते पर चलना, छोड़ी जा सकती हैं।
यहाँ "मामूली" का मतलब है ऐसी चोट जिसमें डॉक्टर के इलाज की ज़रूरत न पड़े। सिर्फ़ इसलिए कि पहले की चोटें हल्की रहीं, कोई काम मामूली नहीं माना जाता।
जानकारी जमा करना
गाइडलाइन कहती है कि असेसमेंट से पहले इस तरह की चीज़ें जमा करके इस्तेमाल करें:
- वर्क स्टैंडर्ड, वर्क प्रोसीजर और ऑपरेटिंग इंस्ट्रक्शन
- मशीन की स्पेसिफ़िकेशन और मैन्युअल; केमिकल की SDS
- काम के आसपास का माहौल, जैसे मशीनों का लेआउट
- वर्कप्लेस के माहौल की माप और ख़ास मेडिकल जाँच के नतीजे
- कॉन्ट्रैक्टर के साथ उसी जगह पर मिलकर होने वाले काम का प्लान
- कंपनी के अंदर और बाहर के हादसे, नियर मिस, गड़बड़ियों के रिकॉर्ड, और वे काम जिनसे वर्कर को डर या बेचैनी रहती है
नॉन-रूटीन काम (hiteijo sagyo) आसानी से छूट जाते हैं। गाइडलाइन के लागू करने वाले नोटिस में मेंटेनेंस और मरम्मत, पहले से सोची जा सकने वाली इमरजेंसी में कार्रवाई, और सेटअप बदलना (changeover) की जानकारी भी जमा करने को कहा गया है। "मशीन बंद है" मानकर किए जाने वाले काम में ही शरीर के सेफ्टी डिवाइस के आगे चले जाने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है। मेंटेनेंस के लोगों को साथ लेने से कमियाँ कम होती हैं ।
नई मशीन ख़रीदते समय गाइडलाइन कहती है कि मशीन बनाने वाले से उसका डिज़ाइन और निर्माण के दौर का अपना RA माँगें और उसके नतीजे लें। मैन्युअल में लिखे बचे हुए रिस्क (zanryu risuku), यानी वे ख़तरे जो बनाने वाला डिज़ाइन में पूरी तरह हटा नहीं पाया, आपके अपने असेसमेंट की शुरुआत हैं।
काम को बाँटना और हर ख़तरा लिखना
काम को उसके प्रोसीजर के हिसाब से बाँटें, जैसे "मटीरियल रखना", "मशीन चालू करना", "पार्ट निकालना", "जाम हटाना"। फिर हर स्टेप के ख़तरे पहले से तय श्रेणियों के हिसाब से लिखें।
गाइडलाइन नीचे के ख़तरों की क़िस्मों के हिसाब से अलग-अलग रिस्क आँकने को कहती है। इन्हें चेकलिस्ट की तरह इस्तेमाल करें, ताकि टीम सिर्फ़ मशीन के ख़तरों पर ही न अटक जाए:
- शारीरिक असर, जैसे मशीन में फँसना या ऊँचाई से गिरना
- केमिकल के भौतिक असर, जैसे धमाका और आग
- केमिकल के नुक़सानदेह असर, जैसे ज़हर
- भौतिक कारणों के नुक़सान, जैसे वाइब्रेशन से होने वाली बीमारी
लिखने की तरकीब यह है कि क्या होता है, कैसे होता है और कौन-सी चोट लगती है, यह एक ही वाक्य में लिखें। "फँसने का ख़तरा" जैसे दो शब्दों से रिस्क आँकने और उपाय सोचने वाले को अंदाज़ा लगाना पड़ता है कि आपका मतलब किस स्थिति से था।
स्थिति, कारण और नतीजा लिखें, तो रिस्क आँकना और उपाय सोचना, दोनों ठोस हो जाते हैं।
प्रेस से सावधान
पैरों के पास ख़तरा
सॉल्वेंट सूँघना
पता नहीं चलता कि कौन-सा काम और कौन-सा पल ख़तरनाक हैवर्कपीस ठीक करते समय हाथ बगल से डाई के बीच चला जाता है, स्लाइड नीचे आती है और उँगली कुचल जाती है
प्रेस के नीचे बिखरे स्क्रैप पर वर्कर का पैर फिसलता है, वह गिरता है और कमर या बाँह पर चोट लगती है
वॉश टैंक का ढक्कन खोलकर पार्ट निकालते समय सॉल्वेंट की भाप साँस में जाती है और सिरदर्द या चक्कर आता है
प्रेस और गिरने के उदाहरण MHLW की गाइडलाइन की व्याख्या में दिए नमूना रिकॉर्ड पर आधारित हैं।
स्टेप 3: रिस्क आँकना
हर ख़तरे के लिए चोट या बीमारी की गंभीरता को उसके होने की संभावना के साथ मिलाकर रिस्क का आकार आँकें। स्कोर देने का मक़सद सटीक संख्या निकालना नहीं है। मक़सद है ख़तरों की आपस में तुलना करना, ताकि तय हो सके कि पहले क्या ठीक हो।
गंभीरता और संभावना के स्तर
MHLW की व्याख्या का एक उदाहरण गंभीरता को चार स्तरों में बाँटता है, मुख्य रूप से छुट्टी के दिनों के आधार पर, ताकि अलग-अलग तरह की चोटों की एक ही पैमाने पर तुलना हो सके:
- जानलेवा (Fatal): मौत, या शरीर के किसी हिस्से को हमेशा के लिए नुक़सान
- गंभीर (Serious): 1 महीने या ज़्यादा की छुट्टी, या एक साथ कई लोग घायल
- मध्यम (Moderate): 1 महीने से कम की छुट्टी, या एक साथ कुछ लोग घायल
- हल्की (Minor): छुट्टी नहीं, या खरोंच जैसी चोट
संभावना के भी चार स्तर हैं। इसका आधार यह है कि ख़तरे के पास कितनी बार और कितनी देर रहना पड़ता है और उससे बचना कितना आसान है:
- बहुत ज़्यादा: रोज़ का काम, लंबे समय तक; बचना मुश्किल
- काफ़ी ज़्यादा: रोज़ का काम; बचा जा सकता है
- हो सकती है: नॉन-रूटीन काम; बचा जा सकता है
- लगभग नहीं: कभी-कभार का काम; बचा जा सकता है
आँकने के तीन तरीक़े
गाइडलाइन में तीन उदाहरण वाले तरीक़े हैं:
- मैट्रिक्स तरीक़ा: गंभीरता और संभावना को टेबल के दो अक्षों पर रखें और जिस ख़ाने में दोनों मिलें, वहाँ लिखा रिस्क पढ़ें
- स्कोरिंग तरीक़ा: गंभीरता और संभावना को पॉइंट दें, फिर जोड़ें या गुणा करें
- Risk graph: गंभीरता, ख़तरे के पास रहने की बारंबारता और उससे बचने की संभावना, इस क्रम में शाखाओं से रिस्क तय करें
जो साइट RA में नई है, उसके लिए मैट्रिक्स तरीक़ा समझने में आसान है और आदत में आसानी से बैठता है। व्याख्या के स्कोरिंग उदाहरण में गंभीरता के लिए 30, 20, 7 या 2 पॉइंट और संभावना के लिए 20, 15, 7 या 2 पॉइंट हैं। कुल 30 या ज़्यादा "ऊँचा", 10 से 29 "मध्यम" और 10 से कम "कम" है।
जिस ख़ाने में संभावना (पंक्ति) और गंभीरता (कॉलम) मिलती हैं, वही रिस्क का स्तर और प्राथमिकता बताता है।
उदाहरण MHLW की गाइडलाइन की व्याख्या के Annex 4 से। नीले घेरे वाला ख़ाना गंभीरता "गंभीर" × संभावना "काफ़ी ज़्यादा" का है: रिस्क 4, यानी ऊँची प्राथमिकता।
स्तर और स्कोर उदाहरण हैं; हर वर्कप्लेस अपने तय कर सकता है। पर अलग-अलग लोगों की रेटिंग एक जैसी रहे, इसके लिए स्तरों की परिभाषा और हल किए हुए उदाहरण एक पन्ने पर रखकर सबके साथ साझा करें। अगर आपके प्लांट में पहले से कोई दूसरा मैट्रिक्स चलता है, जैसे 5×5, तो जापानी टीम से पूछें कि आपको उनके मैट्रिक्स में बदलना है या आपका चलेगा।
रिस्क आँकने में आम ग़लतियाँ
गाइडलाइन कहती है कि गंभीरता उस सबसे बड़ी चोट से आँकें जो सबसे बुरी हालत में हो सकती है, उस चोट से नहीं जो पहले असल में हुई। अगर किसी काम में अब तक उँगली की सिर्फ़ हल्की चोट लगी है, पर हालात मिल जाएँ तो उँगली कट सकती है, तो उसे उँगली कटने की गंभीरता से रेट करें।
दूसरी ग़लती है मौजूदा सेफ्टी डिवाइस पर ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा। गाइडलाइन इन बातों पर भी सोचने को कहती है:
- सेफ्टी डिवाइस कितने भरोसेमंद हैं और उनकी देखभाल कैसी है
- कहीं लोग सेफ्टी डिवाइस को बेकार तो नहीं कर देंगे या अनदेखा तो नहीं करेंगे
- पहले से सोचे जा सकने वाले ग़लत इस्तेमाल, जैसे स्टेप छोड़ना या ऑपरेशन में चूक
उदाहरण के लिए, प्रेस में light curtain हो सकता है, पर अगर मशीन की बनावट ऐसी है कि प्रोडक्शन चलाने के लिए ऑपरेटर सुरक्षित दायरे के बाहर से हाथ अंदर डाल सकता है, तो उस रास्ते का रिस्क बना हुआ है। वर्कर की थकान जैसी अतिरिक्त बातें भी ख़तरे पहचानने के स्टेप में देखी जाती हैं।
स्टेप 4-5: क्रम तय करना और रिस्क घटाना

रिस्क आँकने के बाद सबसे ऊँचे रिस्क से शुरू करके उपाय सोचें। यहाँ सबसे ज़रूरी सोच है कि उपायों की क़िस्मों का एक क्रम होता है।
रिस्क घटाने के उपायों का क्रम
गाइडलाइन कहती है कि क़ानून में जो ज़रूरी है, वह पहले किया जाए। उसके बाद आगे के उपाय नीचे दिए क्रम में सोचे जाएँ। ऊपर के उपाय लोगों की सावधानी पर निर्भर नहीं रहते, इसलिए वे ज़्यादा असरदार होते हैं और ज़्यादा टिकते हैं।
ऊपर से नीचे की ओर सोचें, और जितना हो सके सूची में ऊपर वाला उपाय चुनें।
MHLW की व्याख्या कहती है कि यह क्रम ILO की सेफ्टी मैनेजमेंट गाइडलाइन जैसी ही सोच पर है। मशीन के डिज़ाइन में सबसे नज़दीक की चीज़ ISO 12100 (JIS B 9700) की तीन-स्टेप विधि है: inherently safe डिज़ाइन, safeguarding और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय, फिर इस्तेमाल की जानकारी।
शॉप फ़्लोर पर आम बात यह होती है कि उपाय ट्रेनिंग, याद दिलाने वाले बोर्ड और PPE की तरफ़ झुक जाते हैं, क्योंकि उनमें समय और पैसा कम लगता है। गाइडलाइन जितना ऊँचा उपाय हो सके, वही माँगती है। सिर्फ़ तब छूट है जब उसका बोझ फ़ायदे के मुक़ाबले बहुत ज़्यादा हो।
लागू करने वाले नोटिस के मुताबिक़ जब मौत या गंभीर स्थायी अपंगता की संभावना ज़्यादा हो, तो उपाय महँगा होने पर भी लगाना चाहिए। नोटिस यह भी कहता है कि रिस्क इतना घटे कि बुज़ुर्ग वर्कर, जो लोग जापानी ठीक से नहीं समझते, और नए वर्कर भी सुरक्षित रहें। जापान के बाहर के प्लांट में यही बात उन वर्कर पर लागू होती है जो प्रोसीजर की भाषा नहीं पढ़ पाते।
जब उपाय में समय लगे: अस्थायी उपाय
सबसे असरदार उपाय, जैसे मशीन में बदलाव, में आम तौर पर सबसे ज़्यादा समय लगता है। जिन रिस्क से मौत, स्थायी अपंगता या गंभीर बीमारी हो सकती है, उनके लिए गाइडलाइन कहती है कि अगर सही उपाय में समय लगे, तो अस्थायी उपाय (zantei sochi) तुरंत लगाए जाएँ।
एक उदाहरण है, बदलाव पूरा होने तक काम के क्षेत्र को मार्क करके अंदर आना रोकना। कौन-सा अस्थायी उपाय काफ़ी है, यह मशीन और ख़तरे पर निर्भर है, और साइट का सेफ्टी स्टाफ़ तय करता है। "बजट पास होने तक रुको" का मतलब है रिस्क ऊँचा रखकर काम चलाते रहना।
उपाय के बाद दोबारा रिस्क आँकें
उपाय लगने के बाद उसी पैमाने पर रिस्क दोबारा आँकें। जो रिस्क बच जाता है, उसे बचा हुआ रिस्क (zanryu risuku, residual risk) कहते हैं। लागू करने वाले नोटिस के मुताबिक़ लिए गए उपायों के रिकॉर्ड में यह "उपाय के बाद का आकलन" भी शामिल होना चाहिए।
अगर दोबारा आँकने पर भी रिस्क मंज़ूर करने लायक़ नहीं है, तो अगले सुधार के राउंड में और उपाय जोड़ें। "हो गया" पर टिक लगाकर रुक न जाना ही चक्र को चलता रखता है।
स्टेप 6: रिकॉर्ड, जानकारी और रिव्यू
गाइडलाइन पाँच चीज़ें रिकॉर्ड करने को कहती है। लागू करने वाला नोटिस इसमें तारीख़ और असेसमेंट करने वाले का नाम जोड़ता है, और रिकॉर्ड अगले असेसमेंट तक रखने को कहता है।
- जिन कामों का असेसमेंट हुआ
- पहचाने गए ख़तरे
- आँके गए रिस्क
- रिस्क घटाने के हर उपाय की तय की गई प्राथमिकता
- लिए गए उपाय (उपाय के बाद के रिस्क का आकलन समेत)
फ़ॉर्म का कोई तय रूप नहीं है, पर MHLW की व्याख्या में प्रेस के काम का एक नमूना रिकॉर्ड है। नीचे का चित्र उसी नमूने को पढ़ने में आसान तरह से सजाता है।
उपाय से पहले और बाद का रिस्क साथ-साथ रखें, ताकि एक पंक्ति में दिख जाए कि आगे क्या करना है।
| काम (मशीन) | ख़तरा और संभावित हादसा | मौजूदा उपाय | पहले का रिस्क | रिस्क घटाने का उपाय | बाद का रिस्क | आगे का क़दम |
|---|---|---|---|---|---|---|
| पंचिंग (प्रेस नंबर 1) | प्रेस में टू-हैंड कंट्रोल और light curtain हैं, फिर भी हेल्पर का हाथ बगल से अंदर जा सकता है और डाई में फँस सकता है | टू-हैंड कंट्रोल; light curtain | गंभीर × हो सकती है मध्यम (3) | प्रेस के दोनों तरफ़ कवर लगाना | गंभीर × लगभग नहीं मध्यम (3) | पीछे की तरफ़ भी कवर लगाना |
| पंचिंग (प्रेस नंबर 2) | नीचे बिखरे स्क्रैप पर वर्कर का पैर फिसलता है, वह गिरता है और कमर पर चोट या बाँह में घाव होता है | साफ़-सफ़ाई की ट्रेनिंग | मध्यम × काफ़ी ज़्यादा मध्यम (3) | साफ़-सफ़ाई सख़्ती से करवाना | मध्यम × लगभग नहीं कम (1) | सुबह की मीटिंग आदि में नियमित जाँच (नोट: डाई में बदलाव करें ताकि स्क्रैप बिखरे नहीं) |
MHLW की व्याख्या के Annex 5 के नमूने पर आधारित। असली फ़ॉर्म में असेसमेंट की तारीख़, करने वाले का नाम और उपाय लगने की तारीख़ भी लिखी जाती है।
प्रेस नंबर 2 की पंक्ति में साफ़-सफ़ाई से संभावना घटी है, और नोट में अगला क़दम engineering उपाय, यानी डाई में बदलाव, लिखा गया है। अच्छे रिकॉर्ड में यह क्रम दिखता है: administrative उपाय से जो रिस्क पहले घटा, उसे आगे चलकर मशीन के स्तर के उपाय से बदला जाता है।
केमिकल के RA में नतीजे वर्कर को बताना ज़रूरी है। अप्रैल 2023 से रिकॉर्ड अगले असेसमेंट तक रखना भी ज़रूरी है (अगला 3 साल के अंदर हो तो 3 साल)। जानकारी काम की जगह पर लगाकर या काग़ज़ बाँटकर दी जाती है, ताकि वर्कर कभी भी देख सकें।
रिव्यू कब करें
रिकॉर्ड को इन मौक़ों पर दोबारा देखें:
- मशीन, प्रोसीजर या मटीरियल बदलने पर
- हादसा या नियर मिस होने पर
- समय बीतने पर, जब लोग या मशीनें बदल गई हों
हर रिव्यू की शुरुआत फ़्लोर पर जाकर यह देखने से करें कि उपाय के बाद का रिस्क सच में घटा है या नहीं। इससे रिव्यू सिर्फ़ काग़ज़ बदलने तक नहीं रह जाता।
RA सिर्फ़ खानापूर्ति क्यों बन जाता है
स्टेप ख़ुद मुश्किल नहीं हैं। जहाँ RA नाकाम होता है, वहाँ आम तौर पर दिक़्क़त तरीक़े में नहीं, उसे चलाने में होती है। चार गड़बड़ियाँ बार-बार दिखती हैं।
फ़ॉर्म भरना ही मक़सद बन जाता है
जब फ़ॉर्म पूरा करना ही लक्ष्य बन जाए, तो काम ऑफ़िस में बैठकर पिछले साल की शीट की नक़ल करना रह जाता है। असेसमेंट फ़्लोर पर, असली काम को देखते हुए करें। ऑपरेटर से बस इतना पूछ लेना कि "सबसे ज़्यादा डर किस पल लगता है?", किसी भी काग़ज़ में न लिखे ख़तरे सामने ला सकता है।
सारे उपाय चेतावनी और PPE ही हैं
अगर उपाय वाले कॉलम में "सावधान रहें", "ट्रेनिंग दें", "ग्लव्स पहनें" भरा है, तो क्रम की सोच खो चुकी है। एक तरीक़ा यह नियम बनाना है कि हर सुझाव में लिखा जाए कि टीम ने पहले यह सोचा या नहीं कि क्या काम ही हटाया जा सकता है, और फिर यह कि क्या ख़तरा मशीन की तरफ़ से रोका जा सकता है। इससे ऊँचे स्तर के उपाय सोचने की आदत बनती है।
रेटिंग ढीली है और सब कुछ "कम" है
कम स्कोर आम तौर पर इन वजहों से आते हैं: मान लेना कि सेफ्टी डिवाइस हमेशा सही इस्तेमाल होते हैं, या पिछली चोटों के आधार पर गंभीरता रेट करना। रेटिंग के पैमाने में साफ़ लिखें कि गंभीरता सबसे बुरी हालत से आँकी जाएगी, और सेफ्टी डिवाइस बेकार किए जाने या स्टेप छोड़े जाने को संभव माना जाएगा।
एक बार हुआ और फिर अपडेट नहीं हुआ
जिस प्लांट में मशीन और सेटअप जितनी बार बदलते हैं, पुराने रिकॉर्ड उतनी जल्दी हक़ीक़त से दूर हो जाते हैं। नई मशीन और प्रोसीजर बदलाव के अनुरोध-फ़ॉर्म में RA का एक कॉलम जोड़ें और इसे बदलाव के मैनेजमेंट की प्रक्रिया का हिस्सा बना दें, ताकि कोई बदलाव उसे छोड़कर न निकले। कुछ रिस्क मौसम से भी बदलते हैं, जैसे गर्मी में, और उनका हर साल रिव्यू चाहिए।
जापानी RA शीट के शब्द: झटपट सूची
| जापानी शब्द (romaji) | मतलब (हिंदी / English) |
|---|---|
| risuku asesumento (RA) | रिस्क असेसमेंट (Risk assessment) |
| kiken-sei mata wa yugai-sei | ख़तरा या नुक़सान (Hazard) |
| jutokudo | गंभीरता (Severity) |
| hassei no kanosei | होने की संभावना (Likelihood) |
| risuku no mitsumori | रिस्क आँकना (Risk estimation) |
| yusendo | प्राथमिकता (Priority) |
| risuku teigen sochi | रिस्क घटाने का उपाय (Risk reduction measure) |
| honshitsu-teki taisaku | Inherent उपाय: ख़तरा जड़ से हटाना या बदलना (elimination, substitution) |
| kogaku-teki taisaku | Engineering उपाय (गार्ड, इंटरलॉक आदि) |
| kanri-teki taisaku | Administrative उपाय (नियम, प्रोसीजर, ट्रेनिंग) |
| kojin-yo hogogu | PPE (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) |
| zanryu risuku | बचा हुआ रिस्क (Residual risk) |
| hiteijo sagyo | नॉन-रूटीन काम (maintenance, सेटअप बदलना, जाम हटाना आदि) |
| zantei sochi | अस्थायी उपाय (Interim measure) |
| shokucho | फ़ोरमैन / पहली लाइन का सुपरवाइज़र |
| anzen kanrisha | सेफ्टी मैनेजर (जापान में क़ानूनी पद) |
| hasamare / makikomare | मशीन में हाथ या शरीर का फँसना या खिंचना |
जापानी RA शीट भरने से पहले ये सवाल पूछें
जब जापानी पैरेंट कंपनी या कस्टमर RA माँगे, तो शुरू करने से पहले ये सवाल पूछने से पता चल जाता है कि उन्हें असल में क्या चाहिए:
- दायरा: कौन-सी मशीनें, काम और शिफ़्ट शामिल हैं? क्या नॉन-रूटीन काम (मेंटेनेंस, सेटअप बदलना, जाम हटाना, सफ़ाई) भी शामिल हैं?
- फ़ॉर्मैट: क्या आपकी शीट और आपका 4×4 मैट्रिक्स ही इस्तेमाल करना है, या हम अपना मौजूदा JHA या स्थानीय फ़ॉर्मैट दे सकते हैं? अगर आपका चाहिए, तो हमारे पैमाने से बदलने का कोई नियम है?
- पैमाना: क्या आप गंभीरता और संभावना की परिभाषाएँ हल किए हुए उदाहरणों के साथ भेज सकते हैं, ताकि हमारी रेटिंग आपसे मेल खाए?
- समय: क्या उपाय प्रोडक्शन शुरू होने से पहले पूरे होने चाहिए, या किसी पड़ाव से पहले (मशीन लगना, ट्रायल रन, मास प्रोडक्शन की शुरुआत)?
- मशीन बनाने वाले की जानकारी: जापान से आने वाली मशीन के लिए क्या बनाने वाला अपना RA और बचे हुए रिस्क की सूची अंग्रेज़ी में दे सकता है?
- क़ानूनी आधार: क्या यह कंपनी स्टैंडर्ड है, या किसी जापानी क़ानूनी शर्त से जुड़ा है? जहाँ फ़र्क़ हो, वहाँ हमारे स्थानीय क़ानून और स्टैंडर्ड में से किसे मानना है?
- मंज़ूरी: आपकी तरफ़ शीट कौन देखेगा और मंज़ूर करेगा, और हमारी तरफ़ कौन दस्तख़त करेगा?
- रिकॉर्ड: रिकॉर्ड किस भाषा में और कितने समय तक रखने हैं? क्या उपाय के बाद का रिस्क और आगे के क़दम भी लिखने हैं?
- रिव्यू के मौक़े: कौन-से बदलाव (मशीन, मटीरियल, प्रोसीजर, लोग) होने पर हमें अपडेट करके दोबारा जमा करना है?
एक छोटा संदेश, जिसे आप अपने हिसाब से बदल सकते हैं (अंग्रेज़ी में भेजने के लिए अपने इंजीनियर या मैनेजर की मदद ले सकते हैं):
"[लाइन/मशीन] का रिस्क असेसमेंट शुरू करने से पहले कृपया अपना RA टेम्पलेट, गंभीरता और संभावना की परिभाषाएँ उदाहरणों के साथ, और [मशीन] के लिए मशीन बनाने वाले के बचे हुए रिस्क की सूची भेज दें। यह भी बताएँ कि उपाय ट्रायल रन से पहले पूरे करने हैं या मास प्रोडक्शन से पहले, और आपकी तरफ़ शीट कौन मंज़ूर करेगा।"
इस लेख की सीमाएँ
- यह लेख MHLW की गाइडलाइन, उसकी व्याख्या और कुछ संदर्भ दस्तावेज़ों का सार है। यह क़ानूनी सलाह नहीं है और काम करने का प्रोसीजर नहीं है।
- जापानी क़ानून जापान की काम की जगहों पर लागू होता है। भारत समेत दूसरे देशों के प्लांट में वहाँ का सेफ्टी क़ानून तय करता है कि क्या ज़रूरी है; जापानी तरीक़ा उसके ऊपर कंपनी स्टैंडर्ड हो सकता है। भारत के Factories Act 1948 और OSH Code 2020 की स्थिति राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है, इसलिए अपने सेफ्टी या HR ऑफ़िसर से पक्का करें।
- मैट्रिक्स, स्कोर और गंभीरता के स्तर MHLW के उदाहरण हैं। हर कंपनी, और अक्सर हर साइट, अपने तय करती है।
- JHA और ISO 12100 से तुलना मोटा सार है। BIS के IS स्टैंडर्ड की सही स्थिति और OSHA या मशीन स्टैंडर्ड की अपनी शर्तें अलग से अपने सेफ्टी और कंप्लायंस स्टाफ़ से देख लें।
- जापान में केमिकल के RA के अपने नियम और तरीक़े हैं, जिन्हें यह लेख सिर्फ़ छूता है।
सार
- जापानी RA में ख़तरे लिखे जाते हैं, गंभीरता और संभावना से उनकी रेटिंग होती है, और रिस्क के क्रम में उन्हें ठीक किया जाता है
- मशीन और आम काम के लिए यह Industrial Safety and Health Act की धारा 28-2 की "कोशिश की ज़िम्मेदारी" है; जिन केमिकल पर लेबल या SDS चाहिए, उनके लिए धारा 57-3 में ज़रूरी है
- मशीन, मटीरियल या प्रोसीजर बदलने पर, काम शुरू होने से पहले रिस्क घटाने के उपाय पूरे हों
- क़ानूनी शर्तों के बाद उपायों का क्रम है: inherent → engineering → administrative → PPE, और जितना हो सके ऊपर वाला उपाय चुनें
- उपाय के बाद रिस्क दोबारा आँकें, रिकॉर्ड करें, और हर बदलाव या हादसे के बाद रिव्यू करें
- JHA के मुक़ाबले जापानी तरीक़ा बदलाव से शुरू होता है, सबसे बुरी हालत की गंभीरता लेता है, और उपाय से पहले और बाद का रिस्क दोनों लिखता है
रिस्क असेसमेंट सिर्फ़ सेफ्टी स्टाफ़ का काम नहीं है। जापानी प्लांट में यह मशीन से जुड़े हर व्यक्ति तक जाता है, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस से लेकर प्लांट हेड तक।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या जापान में रिस्क असेसमेंट करना ज़रूरी है?
यह ख़तरे पर निर्भर है। जिन केमिकल पर लेबल या SDS चाहिए, उनके लिए Industrial Safety and Health Act की धारा 57-3 में यह ज़रूरी है। मशीन और आम काम के लिए धारा 28-2 में मैन्युफ़ैक्चरिंग और कुछ दूसरी इंडस्ट्री के लिए यह "कोशिश की ज़िम्मेदारी" है। जिन उपायों को क़ानून ख़ास तौर पर माँगता है, वे दोनों हालात में लागू होते हैं।
रिस्क असेसमेंट और JHA में क्या फ़र्क़ है?
OSHA 3071 में बताया JHA एक जॉब को स्टेप में बाँटकर हर स्टेप के ख़तरे और उपाय लिखता है। जापानी तरीक़ा पूरी काम की जगह के काम और मशीनों को देखता है, हर रिस्क को गंभीरता × संभावना के मैट्रिक्स या स्कोर से रेट करता है, और उपाय से पहले और बाद का रिस्क लिखता है। दोनों साथ-साथ इस्तेमाल हो सकते हैं।
जापानी कंपनियाँ कौन-सा रिस्क मैट्रिक्स इस्तेमाल करती हैं?
MHLW की व्याख्या में 4×4 का उदाहरण है: गंभीरता के चार स्तर (जानलेवा, गंभीर, मध्यम, हल्की) और संभावना के चार स्तर, जो रिस्क 1 से 5 और तीन प्राथमिकता वर्गों से जुड़े हैं। कंपनियाँ अपने स्तर बना सकती हैं, इसलिए कुछ भी रेट करने से पहले उनकी असली परिभाषाएँ माँग लें।
ISO 12100 का जापानी तरीक़े से क्या रिश्ता है?
ISO 12100 मशीन डिज़ाइनर के लिए है, और जापान में यह JIS B 9700 के नाम से छपा है। इसकी तीन-स्टेप विधि (inherently safe डिज़ाइन, safeguarding और अतिरिक्त उपाय, इस्तेमाल की जानकारी) जापानी उपायों के क्रम के क़रीब है। मशीन बनाने वाले के मैन्युअल में लिखे बचे हुए रिस्क इस्तेमाल करने वाले के अपने RA की शुरुआत हैं।
RA का रिव्यू कितने समय में करना चाहिए?
गाइडलाइन तय अंतराल के बजाय घटनाओं से रिव्यू जोड़ती है: मशीन, मटीरियल या प्रोसीजर में बदलाव, कमी दिखाने वाले हादसे, और समय के साथ मशीनों का पुराना होना और लोगों का बदलना।
स्रोत
- MHLW, ख़तरे या नुक़सान की जाँच की गाइडलाइन (Public Notice No. 1, 10 मार्च 2006) (जापानी भाषा में)
- MHLW Safety Division, गाइडलाइन की व्याख्या: नमूना मैट्रिक्स, रिकॉर्ड और लागू करने वाला नोटिस (जापानी भाषा में)
- MHLW, 2025 में काम से जुड़े हादसे और 2025 के अंतिम आँकड़े (जापानी भाषा में)
- MHLW, केमिकल के रिस्क असेसमेंट पर सवाल-जवाब (जापानी भाषा में)
- Ordinance on Industrial Safety and Health, धारा 24-11 (कौन-सी इंडस्ट्री शामिल हैं) (जापानी भाषा में)
- MHLW, मशीन सेफ्टी के व्यापक स्टैंडर्ड की गाइडलाइन (2007) (जापानी भाषा में)
- JIS B 9700:2013 मशीनों की सेफ्टी: डिज़ाइन के सामान्य सिद्धांत, रिस्क असेसमेंट और रिस्क घटाना (ISO 12100:2010 के बराबर; जापानी भाषा में)
- US Occupational Safety and Health Administration (OSHA), Job Hazard Analysis (OSHA 3071) (अंग्रेज़ी में)
मूल जापानी लेखयह गाइड जापान के पाठकों के लिए लिखे गए MONOSCOPE के एक लेख पर आधारित है: 工場のリスクアセスメントのやり方|洗い出しから低減措置まで6ステップ


