QCDSE: फैक्ट्री के KPI और फ़ॉर्मूले (जापानी प्लांट)

जापानी कंपनी या जापानी कस्टमर से महीने की रिपोर्ट का फ़ॉर्मेट आता है, और उसमें जाने-पहचाने नाम दिखते हैं: first pass yield, customer ppm, OEE, on-time delivery, frequency rate, energy intensity। फिर सवाल शुरू होते हैं। क्या rework हुए पीस को "अच्छा" गिनना है? क्या जापान का "frequency rate" वही है जो हमारी सेफ्टी रिपोर्ट में है? और हेड ऑफ़िस हर महीने "प्रति टन energy" क्यों माँगता है?
जापानी रिपोर्टों में प्लांट के KPI (key performance indicator, यानी काम कैसा चल रहा है यह नापने वाला मुख्य नंबर) अक्सर QCDSE के हिसाब से रखे जाते हैं: Quality (क्वालिटी), Cost (लागत), Delivery (डिलीवरी), Safety (सेफ्टी) और Environment (पर्यावरण)। हर क्षेत्र में दो तरह के नंबर जोड़ी में रखे जाते हैं: एक नतीजे वाला नंबर (results metric: इस महीने क्या हुआ) और एक आगे का संकेत देने वाला नंबर (leading metric: जिसे लाइन आज ही बदल सकती है)। इस तरह पूरे प्लांट के KPI एक पन्ने पर आ जाते हैं।
नाम मिलाना आसान है, गड़बड़ी परिभाषा में होती है। इस लेख में हर क्षेत्र के KPI, उनका फ़ॉर्मूला और रिपोर्ट में दिखने वाला जापानी नाम दिया गया है। साथ में यह भी कि जापानी परिभाषा आपकी अपनी परिभाषा से कहाँ अलग हो सकती है, जापानी प्लांट टारगेट कैसे तय करते हैं, और आख़िर में परिभाषा-शीट का नमूना और जापानी पक्ष से पूछने के सवाल। सभी उदाहरण काल्पनिक नंबरों के हैं।
विषय-सूची
- QCDSE के KPI एक नज़र में
- Quality (Q) के KPI और फ़ॉर्मूले
- Cost (C) और Productivity के KPI और फ़ॉर्मूले
- Delivery (D) और स्टॉक के KPI और फ़ॉर्मूले
- Safety (S) के KPI: frequency rate और severity rate
- Environment (E) के KPI और फ़ॉर्मूले
- जापानी प्लांट KPI के टारगेट कैसे तय करते हैं
- रोज़, हफ़्ते और महीने में KPI का रिव्यू
- जापानी KPI शब्दों की जल्दी देखने वाली टेबल
- नमूना: KPI परिभाषा-शीट
- इस गाइड की सीमाएँ
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- स्रोत
QCDSE के KPI एक नज़र में
पहले पूरी तस्वीर देखिए। नीचे की टेबल में जापानी प्लांट के आम KPI पाँच क्षेत्रों में बाँटे गए हैं, बाईं तरफ़ नतीजे वाले नंबर और दाईं तरफ़ आगे का संकेत देने वाले नंबर।
हर क्षेत्र में नतीजे वाले नंबर और आगे का संकेत देने वाले नंबर की जोड़ी बनती है।
नतीजे वाले और आगे का संकेत देने वाले नंबरों का यह बँटवारा एक अंदाज़ा है, नियम नहीं। KPI अपने प्रोडक्ट और प्रोडक्शन के तरीके के हिसाब से चुनिए।
KPI वह नंबर है जो बताता है कि कोई ज़रूरी टारगेट कितना पूरा हुआ। ISO 22400 (मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस मैनेजमेंट के KPI का अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड) भी KPI को इसी तरह परिभाषित करता है। इसका भाग 2 (ISO 22400-2:2014) चालू प्रैक्टिस के KPI फ़ॉर्मूले के साथ देता है; स्टैंडर्ड के एडिटरों के एक white paper के अनुसार ऐसे 34 KPI हैं।
एडिटर इन्हें चुनने के लिए विकल्प मानते हैं, ऐसा सेट नहीं जो हर प्लांट को अपनाना ही पड़े। 2017 में एक amendment ने energy management के KPI जोड़े, और ISO की साइट पर यह स्टैंडर्ड revision में दिखता है।
QCD में सेफ्टी और पर्यावरण क्यों जोड़ा जाता है
प्रोडक्शन मैनेजमेंट की बुनियाद Quality, Cost, Delivery (QCD) है। जापान का स्टैंडर्ड JIS Z 8141 (प्रोडक्शन मैनेजमेंट की शब्दावली) प्रोडक्शन मैनेजमेंट को तय क्वालिटी, लागत, मात्रा और डिलीवरी तारीख़ पर बनाने की गतिविधि बताता है। QCDSE में इसके साथ सेफ्टी (S) और पर्यावरण (E) जुड़ जाते हैं।
अगर सिर्फ़ QCD देखा जाए, तो प्रोडक्शन बढ़ता और लागत घटती दिख सकती है, जबकि सेफ्टी का जोखिम और पर्यावरण पर बोझ चुपचाप बढ़ रहा हो। पाँचों क्षेत्र साथ रखने का मक़सद यह जाँचना है कि कोई नंबर किसी दूसरे क्षेत्र की क़ीमत पर तो नहीं बन रहा।
आपको लंबे रूप भी दिख सकते हैं। Japan Institute of Plant Maintenance (JIPM) TPM के नतीजे सात शीर्षकों में रखता है, PQCDSME, जिसमें productivity (P) और morale (M) जुड़ते हैं। लाइन के बोर्ड पर कभी-कभी SQCDP (safety, quality, cost, delivery, people) भी दिखता है। नाम अलग हैं, सोच एक है: प्लांट को क्षेत्रों में बाँटो ताकि कुछ छूटे नहीं। इस लेख में productivity को Cost के साथ लिया गया है।
नतीजे वाले नंबर और आगे का संकेत देने वाले नंबर
नतीजे वाला नंबर (results metric, इसे lagging indicator भी कहते हैं) महीना बंद होने के बाद ही पता चलता है। ग्राहक की शिकायतें, manufacturing cost और frequency rate इसके उदाहरण हैं। ये बताते हैं कि गड़बड़ी कितनी बड़ी थी, लेकिन जब तक नंबर सामने आता है, उस महीने का नतीजा बदला नहीं जा सकता।
आगे का संकेत देने वाला नंबर (leading metric) नतीजे से पहले हिलता है, और लाइन पर लोगों के काम से बदलता है। First pass yield, OEE और near-miss रिपोर्ट की गिनती इसके उदाहरण हैं। जब प्लांट हेड महीने में नतीजे वाले नंबर देखता है और लाइन रोज़ आगे का संकेत देने वाले नंबर देखती है, तो महीने की रिपोर्ट काफ़ी छोटी हो जाती है।
Quality (Q) के KPI और फ़ॉर्मूले

जापानी प्लांट क्वालिटी को दो हिस्सों में देखते हैं: प्लांट के अंदर पकड़े गए defect, और वे defect जो ग्राहक तक पहुँच गए। आम फ़ॉर्मूले ये हैं:
- प्रोसेस के अंदर का defect रेट (koteinai furyo-ritsu, 工程内不良率) = defect की संख्या ÷ जाँचे गए पीस (या बने हुए पीस)
- First pass yield (chokko-ritsu, 直行率) = बिना rework के पहली बार में पास हुए पीस ÷ शुरू किए गए पीस
- Rework रेट (tenaoshi-ritsu, 手直し率) = rework किए गए पीस ÷ शुरू किए गए पीस
- ग्राहक तक पहुँचा defect रेट, ppm (ryushutsu furyo-ritsu, 流出不良率) = ग्राहक को मिले defect ÷ भेजे गए पीस × 1,000,000 (10 लाख)
- Material yield (budomari, 歩留り) = तैयार प्रोडक्ट की मात्रा ÷ डाले गए मुख्य कच्चे माल की मात्रा
"Yield" शब्द पर ध्यान दीजिए। JIS Z 8141 में budomari का मतलब है: असल में बने प्रोडक्ट की मात्रा और डाले गए मुख्य कच्चे माल की मात्रा का अनुपात, यानी material yield। अंग्रेज़ी में "yield" अक्सर अच्छे पीस ÷ कुल पीस के लिए भी बोला जाता है। वहीं First pass yield और defect रेट की परिभाषा JIS की प्रोडक्शन मैनेजमेंट शब्दावली में नहीं है, इसलिए हर कंपनी अपना अंश और हर (numerator और denominator) तय करती है।
ISO 22400 के white paper में भी इनसे मेल खाते क्वालिटी KPI दिए हैं: first pass yield, scrap ratio और rework ratio।
वही 1,000 पीस, लेकिन "अच्छा" किसे गिनते हैं, इससे नंबर बदल जाता है।
Rework वाले पीस मिलाकर अच्छे पीस का रेट = (940 + 40) ÷ 1,000 = 98.0%
नंबर काल्पनिक हैं। Rework वाले पीस को अच्छा गिनना है या नहीं, यह लिखकर तय कर लीजिए।
चित्र 2 में अच्छे पीस का रेट 98.0% है, लेकिन first pass yield सिर्फ़ 94.0%। 4 पॉइंट का फ़र्क़ वह है जो rework से बचाया गया, और उस rework में लगी मेहनत लागत में जुड़ती है। दोनों नंबर रखिए: अच्छे पीस का रेट बताता है कि माल भेज पाए या नहीं, और first pass yield बताता है कि पहली बार में सही बना या नहीं। दोनों साथ हों तो कारण ढूँढना बहुत आसान हो जाता है।
ग्राहक तक पहुँचे defect को संख्या और रेट, दोनों में देखिए। मान लीजिए प्लांट साल में 500,000 पीस भेजता है और ग्राहक को 15 defect मिलते हैं, तो रेट 15 ÷ 500,000 × 1,000,000 = 30 ppm है (काल्पनिक उदाहरण)। जब भेजी गई मात्रा बहुत ऊपर-नीचे होती है, तो सिर्फ़ संख्या देखने से हालत असल से बेहतर या बदतर दिख सकती है।
नाप या गुण में फैलाव को defect आने से पहले पकड़ना हो, तो आगे का संकेत देने वाले नंबर के तौर पर process capability index (Cp, Cpk) इस्तेमाल होता है। यह बताता है कि टॉलरेंस के अंदर प्रोसेस के फैलाव के लिए कितनी गुंजाइश बची है, और तब सबसे ज़्यादा काम आता है जब defect रेट इतना कम हो चुका हो कि फ़र्क़ दिखना मुश्किल हो।
Cost (C) और Productivity के KPI और फ़ॉर्मूले
लागत के सही आँकड़े महीने का हिसाब बंद होने के बाद ही निकलते हैं। इसलिए रोज़ का काम उन मात्राओं पर चलता है जो लागत को चलाती हैं। चित्र 3 में लागत के नंबर, productivity और मशीन के नंबर साथ रखे हैं।
पैसे वाले नंबर महीने में देखे जाते हैं; मात्रा वाले नंबर रोज़ या हफ़्ते में।
लागत का बँटवारा और खर्चे बाँटने का तरीका हर कंपनी के cost accounting नियमों पर निर्भर करता है।
Manufacturing cost और cost variance
जापानी प्लांट manufacturing cost को आम तौर पर तीन तरह की लागत में तोड़ते हैं: मटीरियल, लेबर और दूसरे खर्चे (keihi, 経費, जो सिर्फ़ overhead से ज़्यादा है)। यह जापान के Cost Accounting Standards (1962) के बँटवारे पर आधारित है, जो वहाँ लागत के हिसाब का मुख्य आधार है।
Cost variance (genka sai, 原価差異) पहले से तय standard cost और असल लागत का फ़र्क़ है। Standard costing में Cost Accounting Standards इसे standard cost और असल लागत के अंतर के रूप में परिभाषित करते हैं।
कुल फ़र्क़ से ज़्यादा ज़रूरी उसका ब्योरा है। मटीरियल का रेट बढ़ा, खपत बढ़ी, या काम में ज़्यादा समय लगा? हर जवाब का इलाज अलग है, इसलिए variance को कीमत वाले कारण और मात्रा वाले कारण में बाँटकर रिपोर्ट करवाइए। साइन पहले से तय कर लें (फ़ायदे वाला variance प्लस है या माइनस); अलग-अलग साइन से रिपोर्ट ग़लत पढ़ी जाती है।
Labor productivity
Productivity यानी उत्पादन ÷ लगाई गई चीज़। Japan Productivity Center दो तरह की productivity अलग रखता है: physical labor productivity, जो उत्पादन को पीस में नापती है, और value-added labor productivity, जो value added में नापती है।
मान लीजिए एक एरिया महीने में 12,000 पीस बनाता है और कुल labor hours 2,400 हैं। Physical labor productivity = 12,000 ÷ 2,400 = 5.0 पीस प्रति labor hour। अगर उस महीने value added 3.6 करोड़ येन (JPY 36,000,000) है, तो value-added labor productivity = 36,000,000 ÷ 2,400 घंटे = 15,000 येन प्रति labor hour (दोनों काल्पनिक)।
अगर हर महीने प्रोडक्ट मिक्स बदलता है, तो सीधे पीस गिनने से बेहतर है standard hours या value added में बदलकर तुलना करना।
Utilization और OEE
JIS Z 8141 utilization (kadoritsu, 稼働率) को असल चालू समय और काम के घंटों (लोगों के लिए) या available time (मशीन के लिए) के अनुपात के रूप में परिभाषित करता है। उसी JIS में overall equipment effectiveness (OEE, setsubi sogo koritsu, 設備総合効率) = availability × performance × quality रेट दिया है।
जिस मशीन की availability 85%, performance 90% और quality रेट 98% है, उसका OEE = 0.85 × 0.90 × 0.98 = 0.7497, यानी 75.0% (काल्पनिक उदाहरण)। तीनों रेट का मतलब और प्लांट हेड OEE का इस्तेमाल कैसे करते हैं, यह जानने के लिए प्लांट मैनेजर वाली गाइड देखिए।
Utilization या OEE को अकेला टारगेट मत बनाइए। जितना बिक सकता है उससे ज़्यादा बनाने पर दोनों नंबर ऊपर जाते हैं, लेकिन वह ज़्यादा माल सिर्फ़ स्टॉक बन जाता है। मशीन के नंबर हमेशा स्टॉक और डिलीवरी के नंबरों के साथ पढ़िए।
Delivery (D) और स्टॉक के KPI और फ़ॉर्मूले
डिलीवरी के नंबर दो हिस्सों में आते हैं: ग्राहक से किया वादा निभाया या नहीं, और वादा निभाने की गुंजाइश बची है या नहीं।
- On-time delivery रेट (noki junshu-ritsu, 納期遵守率) = वादे की तारीख़ तक हुई डिलीवरी ÷ कुल डिलीवरी
- प्रोडक्शन प्लान पूरा होने का रेट (seisan keikaku tassei-ritsu, 生産計画達成率) = प्लान के हिसाब से पूरी हुई मात्रा ÷ प्लान की मात्रा
- Manufacturing lead time = सामग्री तैयार होने से लेकर तैयार प्रोडक्ट बनने तक का समय
- Inventory turnover (zaiko kaiten-ritsu, 在庫回転率) = एक अवधि की ज़रूरत ÷ औसत स्टॉक
- Inventory turnover period = अवधि की लंबाई ÷ inventory turnover
अगर महीने की 400 डिलीवरी में से 388 वादे के मुताबिक़ पहुँचीं, तो on-time delivery रेट = 388 ÷ 400 = 97.0% (काल्पनिक उदाहरण)।
इस नंबर की परिभाषा JIS की प्रोडक्शन मैनेजमेंट शब्दावली में नहीं है, और "वादे की तारीख़" ग्राहक की माँगी तारीख़ है या आपकी कन्फ़र्म की हुई तारीख़, इससे नंबर बदल जाता है। यह भी लिख लीजिए कि ऑर्डर गिनते हैं या मात्रा, और partial delivery कैसे गिनी जाएगी।
प्रोडक्शन प्लान पूरा होने का रेट आइटम-वार नापिए। एक आइटम ज़्यादा बनाकर दूसरे की कमी पूरी कर दें और कुल 100% दिखा दें, तब भी कम पड़ा आइटम देर से जाएगा। कुल नंबर के साथ यह भी रखिए कि कितने आइटम प्लान पर पूरे हुए।
JIS Z 8141 lead time को ऑर्डर देने से डिलीवरी तक का समय, या सामग्री तैयार होने से तैयार प्रोडक्ट बनने तक का समय, परिभाषित करता है। घड़ी कहाँ शुरू और कहाँ बंद करते हैं, इससे सुधार का तरीका बदल जाता है, इसलिए पहले इस पर सहमति बनाइए।
JIS Z 8141 inventory turnover को तय अवधि में स्टॉक के घूमने की संख्या बताता है, यानी अवधि की ज़रूरत ÷ औसत स्टॉक। साल की ज़रूरत 24 करोड़ येन (JPY 240 million) और औसत स्टॉक 3 करोड़ येन (JPY 30 million) हो, तो स्टॉक साल में 8 बार घूमता है।
वही JIS turnover को turnover period का उल्टा मानता है, इसलिए turnover period = 12 महीने ÷ 8 = 1.5 महीने (काल्पनिक उदाहरण)। इसे कच्चा माल, WIP और तैयार माल में बाँटकर देखें तो पता चलता है कि स्टॉक कहाँ जमा हो रहा है।
Safety (S) के KPI: frequency rate और severity rate

पाँचों क्षेत्रों में सेफ्टी की परिभाषाएँ सबसे ज़्यादा एक जैसी हैं। जापान का स्वास्थ्य, श्रम और कल्याण मंत्रालय (MHLW) अपने Survey on Industrial Accidents में frequency rate और severity rate की परिभाषा और हिसाब का तरीका देता है।
- Frequency rate (dosu-ritsu, 度数率) = काम के हादसों में मौत और चोट पाने वाले ÷ कुल असल काम के घंटे × 1,000,000
- Severity rate (kyodo-ritsu, 強度率) = कुल गँवाए गए काम के दिन ÷ कुल असल काम के घंटे × 1,000
- प्रति 1,000 वर्कर सालाना रेट (nensennin-ritsu, 年千人率) = साल में मौत और चोट पाने वाले ÷ उस साल के औसत वर्कर × 1,000
Frequency rate बताता है कि हादसे कितनी बार होते हैं, प्रति 10 लाख काम के घंटे। Severity rate बताता है कि हादसे कितने गंभीर हैं, यानी प्रति 1,000 काम के घंटे गँवाए गए दिन।
गँवाए गए दिन तय मानों से गिने जाते हैं। मौत या स्थायी पूर्ण विकलांगता 7,500 दिन गिनी जाती है, और स्थायी आंशिक विकलांगता उसकी ग्रेड के हिसाब से 50 से 5,500 दिन। अस्थायी चोट में कैलेंडर के छुट्टी वाले दिन × 300/365 लिए जाते हैं। प्रति 1,000 वर्कर सालाना रेट काम के घंटों के आँकड़े के बिना भी निकल जाता है।
एक काल्पनिक उदाहरण लीजिए। 300 कर्मचारियों वाले प्लांट में साल के कुल काम के घंटे 600,000 हैं, और एक हादसे में एक वर्कर 30 दिन छुट्टी पर रहा। Frequency rate = 1 ÷ 600,000 × 1,000,000 = 1.67। गँवाए गए दिन = 30 × 300 ÷ 365 = 24.66, तो severity rate = 24.66 ÷ 600,000 × 1,000 = 0.04।
तुलना उसी उद्योग और उसी साइज़ की साइटों से कीजिए।
स्रोत: MHLW, 2025 Survey on Industrial Accidents। इसमें वे मौत और चोटें गिनी गई हैं जिनमें एक या ज़्यादा दिन की छुट्टी हुई या शरीर का कोई अंग या काम करने की क्षमता गई। बिना छुट्टी वाली चोटें शामिल नहीं हैं।
MHLW के 2025 के सर्वे में मैन्युफैक्चरिंग का frequency rate 1.33 और severity rate 0.07 रहा। मैन्युफैक्चरिंग में ही 1,000 या ज़्यादा वर्कर वाली साइटों का frequency rate 0.36 था, जबकि 100–299 वर्कर वाली साइटों का 1.93। छोटी साइटों में रेट ज़्यादा रहता है।
तुलना से पहले दो बातें जाँचिए। पहली, दायरा: यह सर्वे उन साइटों का है जहाँ नियमित रूप से 100 या ज़्यादा वर्कर काम करते हैं, और इसमें कम से कम एक दिन की छुट्टी वाली चोटें गिनी जाती हैं। अगर आपके प्लांट के frequency rate में बिना छुट्टी वाली चोटें भी हैं, तो नंबर तुलना लायक़ नहीं हैं।
दूसरी, साइज़: ऊपर के उदाहरण में 300 लोगों के प्लांट में सिर्फ़ एक छुट्टी वाली चोट से रेट 1.67 हो जाता है, जो मैन्युफैक्चरिंग के औसत 1.33 और 300–499 वर्कर वाली साइटों के 1.40, दोनों से ऊपर है। छोटी साइटों में एक चोट से रेट बहुत हिल जाता है, इसलिए उसे चोटों की संख्या और बिना छुट्टी वाली चोट के चले आ रहे दिनों के साथ पढ़िए।
भारत के IS 3786 से तुलना करते समय
भारत में चोटों के frequency और severity rate निकालने के तरीके का स्टैंडर्ड IS 3786 (BIS) है। जो स्रोत मैंने देखे, उनमें इसके तहत frequency rate और severity rate दोनों प्रति 10 लाख man-hours पर निकाले जाते हैं। जापान में frequency rate प्रति 10 लाख घंटे है, लेकिन severity rate प्रति 1,000 घंटे। यानी severity rate का आधार 1,000 गुना अलग है।
इसके अलावा गँवाए दिन गिनने के नियम भी दोनों जगह अपने हैं (जापान में मौत के 7,500 दिन)। इसलिए जापानी रिपोर्ट के severity rate को अपने IS 3786 वाले नंबर के साथ एक ही कॉलम में बिना नोट के मत रखिए। रिपोर्ट के फ़ॉर्मेट में जो परिभाषा लिखी है, वही फ़ॉलो करें, और अपना लोकल नंबर अलग से लिखें। अगर हेड ऑफ़िस अमेरिकी OSHA वाला रेट (प्रति 200,000 घंटे, इलाज वाले केस भी शामिल) भी माँगता है, तो वह तीसरी अलग परिभाषा है।
सेफ्टी में जितना अच्छा रिकॉर्ड, उतना कम बताती है चोटों की गिनती। कई महीने शून्य रहने के बाद नंबर से कुछ पता नहीं चलता। इसीलिए जापानी प्लांट आगे का संकेत देने वाले नंबर भी रखते हैं: पूरे हुए risk assessment, मिली सेफ्टी कमियों में से ठीक हुई कमियों का हिस्सा, और near-miss (hiyari-hatto) रिपोर्ट की संख्या और उनमें से बंद हुई रिपोर्ट का हिस्सा।
Environment (E) के KPI और फ़ॉर्मूले
पर्यावरण का केंद्रीय नंबर energy intensity (enerugi shohi gentan'i, エネルギー消費原単位) है: प्रोडक्ट की एक यूनिट बनाने में लगी energy।
- Energy intensity = crude oil equivalent में energy की खपत ÷ उत्पादन की मात्रा (या energy की खपत से गहरा संबंध रखने वाली कोई और वैल्यू)
- Waste recycling रेट = recycle हुई मात्रा ÷ निकले waste की मात्रा (एक आम तरीका)
जापान का Energy Conservation Act उन कंपनियों से नियमित रिपोर्ट माँगता है जो साल में crude oil equivalent में 1,500 kL या ज़्यादा energy इस्तेमाल करती हैं। इनसे उम्मीद है कि वे मध्यम से लंबी अवधि में energy intensity औसतन साल में 1% या उससे ज़्यादा घटाने की कोशिश करें। यह कोशिश का लक्ष्य है, अनिवार्य नहीं, फिर भी यह उन गिने-चुने KPI टारगेट में है जिनके पीछे कानून है। जापानी KPI सूची में energy intensity के होने की एक वजह यह भी है।
काल्पनिक उदाहरण: पिछले साल प्लांट ने 8,000 टन बनाने में 1,200 kL (crude oil equivalent) लगाए; इस साल 8,100 टन बनाने में 1,180 kL। Energy intensity 0.1500 kL/t से घटकर 0.1457 kL/t हुई, जो पिछले साल का 97.1% है, यानी 2.9% की कमी।
उत्पादन घटने पर energy intensity बिगड़ती भी है, क्योंकि AC, लाइट और खाली चल रही मशीनें उत्पादन की परवाह किए बिना energy खाती हैं। कानून में कंपनियाँ उत्पादन की जगह energy से गहरा संबंध रखने वाली कोई और वैल्यू भी denominator बना सकती हैं। अपने काम के हिसाब से denominator चुनिए, और जो energy तय रहती है उसे उत्पादन के साथ बढ़ने वाली energy से अलग देखिए; इससे बदलाव का कारण समझाना आसान होता है।
भारत में भी इसी तरह का विचार है: Energy Conservation Act, 2001 के तहत बड़ी energy खपत वाली इकाइयों ("designated consumers") के लिए specific energy consumption (SEC) का हिसाब चलता है। आपके प्लांट पर यह लागू होता है या नहीं, यह अपने energy मैनेजर या BEE के नियमों से पूछिए। जापान का 1,500 kL वाला दायरा भारत पर लागू नहीं होता।
CO2 emission जापान की greenhouse gas reporting योजना में आता है। Energy से निकली CO2 के लिए यह उन कंपनियों पर लागू है जिनकी सभी साइटों की कुल energy खपत साल में 1,500 kL (crude oil equivalent) या ज़्यादा है, और emission फ़ाइलिंग में Energy Conservation Act की रिपोर्ट इस्तेमाल हो सकती है। प्रोडक्ट और जगह की ज़रूरत के हिसाब से waste और पानी के नंबर भी जोड़े जाते हैं। Recycling रेट इस पर बदलता है कि heat recovery को recycling गिनते हैं या नहीं, इसलिए अंश और हर लिखकर तय कीजिए।
जापानी प्लांट KPI के टारगेट कैसे तय करते हैं
KPI तय हो जाएँ तो अगला सवाल आता है: टारगेट क्या रखें? छोटा जवाब: ऐसी कोई एक सही वैल्यू नहीं है जो हर प्लांट पर फ़िट बैठे। प्रोडक्ट, मशीनें, प्रोडक्शन का तरीका और KPI की परिभाषा, सब अलग होते हैं। चित्र 5 में टारगेट तय करने का एक व्यावहारिक क्रम है।
नंबर चुनने से पहले मक़सद, परिभाषा और अभी की हालत पर सहमति बनाइए।
ऊपर के टारगेट को टुकड़ों में तोड़ें
JIS Q 9023 जापान में hoshin kanri (方針管理, policy deployment) का स्टैंडर्ड है, यानी टारगेट तय करने का वह तरीका जो कई जापानी कंपनियाँ अपनाती हैं। इसमें टारगेट वह मंज़िल है जहाँ मक़सद पाने के लिए पहुँचना है, और एक्शन (hosaku, 方策) वह तरीका है जो टारगेट तक पहुँचने के लिए चुना जाता है। टारगेट की प्रगति सँभालने के लिए जो नंबर चुना जाए, वह kanri komoku (管理項目, control item) है। KPI एक control item है: वह ऊपर के टारगेट को लाइन के काम से जोड़ता है।
प्लांट के टारगेट को क्षेत्र के हिसाब से बाँटिए, फिर हर हिस्से को ऐसे नंबरों में तोड़िए जिन्हें लाइन हिला सके। चित्र 6 में manufacturing cost का एक उदाहरण है।
जितना नीचे जाएँ, नंबर उतना ही लाइन के रोज़ के काम से हिलने वाला बनता है।
तोड़ने का यह एक तरीका है। जिस प्लांट में मटीरियल का हिस्सा ज़्यादा है और जहाँ लेबर का हिस्सा ज़्यादा है, वहाँ अलग-अलग शाखाओं को वज़न मिलेगा।
पहले परिभाषा और अभी का लेवल पक्का करें
एक ही "defect रेट" अलग नंबर देता है, अगर हर में जाँचे गए पीस हैं या बने हुए पीस, और rework वाले पीस शामिल हैं या नहीं। टारगेट वैल्यू पर बहस से पहले हर KPI की एक पन्ने की परिभाषा लिखिए: अंश, हर, दायरा, डेटा का स्रोत और कौन तैयार करेगा।
फिर उसी परिभाषा से अभी का लेवल नापिए। अभी का लेवल जाने बिना रखा टारगेट आम तौर पर या पहुँच से बाहर होता है या बहुत आसान। महीने-दर-महीने का फैलाव भी देखिए, ताकि एक अच्छे या बुरे महीने से आप भटक न जाएँ।
आख़िरी तारीख़ और टारगेट नंबर में लिखें
JIS Q 9023 कहता है कि टारगेट में पहुँचने की हालत और आख़िरी तारीख़ दोनों साफ़ हों, और यह भी साफ़ हो कि टारगेट पूरा हुआ या नहीं। "defect घटाओ" से साल के अंत में कोई तय नहीं कर सकता कि कामयाबी मिली या नहीं। "Line A का first pass yield वित्त वर्ष के अंत तक 94.0% से 96.0% करना" में दायरा, अभी का लेवल, टारगेट और तारीख़, चारों हैं (काल्पनिक उदाहरण)।
वही स्टैंडर्ड कहता है कि टारगेट को ऊपर के मैनेजरों और जुड़े विभागों के साथ तय किया जाए, और ज़रूरत हो तो बदला जाए। दूसरे विभागों के टारगेट से टकराव है या नहीं, यह भी यहीं जाँचने का समय है।
आपस में टकराने वाले KPI को जोड़ी में रखें
प्लांट के कुछ नंबर एक-दूसरे के उलट खिंचते हैं। Utilization बढ़ाने के लिए पहले से माल बना लेने पर inventory turnover गिरता है। स्टॉक ज़रूरत से ज़्यादा घटाने पर on-time delivery गिरता है। Inspection सख़्त करने से ग्राहक तक पहुँचे defect घटते हैं, लेकिन first pass yield ख़राब दिखता है।
इसलिए टकराने वाले KPI के टारगेट जोड़ी में तय कीजिए: OEE के साथ inventory turnover, inventory turnover के साथ on-time delivery, productivity के साथ frequency rate। जब जोड़ी का सिर्फ़ एक नंबर सुधरे, तो देखिए कि दूसरे के साथ क्या हुआ।
बाहर के नंबर तभी इस्तेमाल करें जब शर्तें पता हों
दूसरी कंपनियों या उद्योग के नंबर से तुलना की इच्छा होती है। लेकिन सिर्फ़ वही नंबर लीजिए जिनके बारे में पता हो कि किसने इकट्ठा किए, किस साल के हैं, दायरा क्या है और हिसाब कैसे हुआ। ऊपर के frequency और severity rate MHLW के आँकड़े हैं जिनका दायरा और फ़ॉर्मूला प्रकाशित है, इसलिए शर्तें मिलाकर तुलना की जा सकती है। Energy intensity में साल में 1% की कमी Energy Conservation Act के तहत कोशिश का लक्ष्य है।
Defect रेट, OEE और inventory turnover, इसके उलट, हर प्लांट में परिभाषा और प्रोडक्ट के हिसाब से अलग हैं। बिना स्रोत वाली "आम वैल्यू" टारगेट की कमज़ोर नींव है। अपना पिछला रिकॉर्ड और अपनी कंपनी की वे दूसरी लाइनें जिन्हें उसी तरह नापा गया हो, ज़्यादा पक्का आधार हैं।
रोज़, हफ़्ते और महीने में KPI का रिव्यू

अगर कोई तय समय और जगह पर नंबर नहीं देखता, तो टारगेट कुछ नहीं करता। नंबर कितनी बार देखें, यह इससे तय कीजिए कि आप उस पर कितनी जल्दी एक्शन ले सकते हैं।
रोज़ का रिव्यू गड़बड़ियाँ सँभालता है, हफ़्ते का रुझान देखता है, और महीने का टारगेट से फ़र्क़ जाँचता है।
यह बँटवारा एक उदाहरण है। अपने lot साइज़ और प्रोडक्शन साइकल के हिसाब से तय कीजिए।
रोज़ के कंट्रोल के लिए टारगेट से अलग एक सामान्य दायरा तय कीजिए। JIS Q 9023 स्थिर, या प्लान के मुताबिक़ चल रहे प्रोसेस को दिखाने वाली वैल्यू या दायरे को kanri suijun (管理水準, control level) कहता है। अगर यह भी तय हो कि नंबर दायरे से बाहर जाए तो कौन क्या करेगा, तो रोज़ की मीटिंग सिर्फ़ नंबर पढ़ने की जगह एक्शन तय करने की जगह बन जाती है।
महीने का रिव्यू नतीजे वाले नंबरों को टारगेट से मिलाता है और कारण और उपाय तय करता है। प्लांट हेड के रोज़, महीने और साल के चक्र में यह कैसे फ़िट होता है, इसके लिए प्लांट मैनेजर गाइड देखिए।
दो आदतें सिस्टम को काम का रखती हैं। पहली, नंबर छाँटते रहिए: नंबर जोड़ना आसान है, हटाना मुश्किल। अगर किसी नंबर को बनाने में समय लगता है और मीटिंग में वह सिर्फ़ पढ़ा जाता है, तो पूछिए कि क्या कोई उससे फ़ैसला लेता है। पूरे प्लांट का सेट चित्र 1 के पाँच क्षेत्रों के अंदर रखिए, और बारीक नंबर हर विभाग के रोज़ के कंट्रोल पर छोड़ दीजिए।
दूसरी, लोगों की खुद की रिपोर्ट पर आधारित नंबर से किसी को दोष मत दीजिए। Defect की गिनती और near-miss रिपोर्ट इसी पर टिकी हैं कि लोग बताएँ। अगर ख़राब नंबर देने वाले को डाँट पड़ती है, तो रिपोर्टिंग घट जाती है, और नंबर इसलिए अच्छे दिखते हैं कि समस्याएँ दिखना बंद हो गईं। इन नंबरों का इस्तेमाल कारण ढूँढने के लिए कीजिए, और इन्हें किसी की निजी परफ़ॉर्मेंस से जोड़ने में सावधानी रखिए।
जापानी KPI शब्दों की जल्दी देखने वाली टेबल
जापानी KPI रिपोर्ट पढ़ते समय या जापान से आया फ़ॉर्मेट भरते समय इस टेबल को पास रखिए।
| जापानी | Romaji | हिंदी / English | तुलना से पहले क्या जाँचें |
|---|---|---|---|
| 直行率 | chokko-ritsu | First pass yield | हर में क्या है: शुरू किए, जाँचे या बने हुए पीस? |
| 工程内不良率 | koteinai furyo-ritsu | प्रोसेस के अंदर का defect रेट | जाँचे हुए पीस या बने हुए पीस; क्या rework वाले पीस defect हैं? |
| 流出不良率 | ryushutsu furyo-ritsu | ग्राहक तक पहुँचा defect रेट, ppm | ग्राहक की कौन-सी शिकायतें गिनी जाती हैं; भेजने का महीना या शिकायत का महीना |
| 歩留り | budomari | Material yield | JIS में मतलब है तैयार प्रोडक्ट ÷ कच्चा माल, "अच्छे ÷ कुल पीस" नहीं |
| 原価差異 | genka sai | Cost variance | साइन का नियम; कीमत और मात्रा में बँटवारा |
| 原単位 | gentan'i | Unit consumption / intensity | हर में क्या है (टन, पीस, वैल्यू) |
| 稼働率 | kadoritsu | Utilization (कभी-कभी "availability") | Available time से या कैलेंडर समय से; OEE की availability के बराबर नहीं |
| 設備総合効率 | setsubi sogo koritsu | OEE | प्लान्ड स्टॉप और ideal cycle time कैसे तय किए गए |
| 納期遵守率 | noki junshu-ritsu | On-time delivery रेट | ग्राहक की माँगी तारीख़ या आपकी कन्फ़र्म तारीख़; ऑर्डर या मात्रा |
| 在庫回転率 | zaiko kaiten-ritsu | Inventory turnover | वैल्यू या मात्रा; स्टॉक की कौन-सी श्रेणियाँ |
| 度数率 | dosu-ritsu | Frequency rate (प्रति 10 लाख घंटे) | 1+ दिन की छुट्टी वाली चोटें (या अंग/क्षमता जाना); OSHA के 200,000 घंटे वाले आधार से अलग |
| 強度率 | kyodo-ritsu | Severity rate (प्रति 1,000 घंटे) | गँवाए दिनों के तय मान (मौत के 7,500); IS 3786 के रेट से आधार अलग |
| エネルギー消費原単位 | enerugi shohi gentan'i | Energy intensity | Crude oil equivalent में बदलने का तरीका; denominator |
| 管理項目 / 管理水準 | kanri komoku / kanri suijun | Control item / control level | नंबर दायरे से बाहर जाए तो कौन एक्शन लेगा |
नमूना: KPI परिभाषा-शीट
टारगेट तय करने से पहले, या जापान को पहली रिपोर्ट भेजने से पहले, हर KPI की एक शीट भर लीजिए। इससे "आपके नंबर हमारे नंबर से नहीं मिलते" वाली ज़्यादातर बहसें टल जाती हैं।
| खाना | क्या लिखें | उदाहरण (काल्पनिक) |
|---|---|---|
| KPI का नाम (English / जापानी) | दोनों रिपोर्टों में इस्तेमाल होने वाला नाम | First pass yield / chokko-ritsu (直行率) |
| QCDSE क्षेत्र और प्रकार | क्षेत्र, और नतीजे वाला या आगे का संकेत देने वाला | Q, आगे का संकेत देने वाला |
| फ़ॉर्मूला | अंश ÷ हर, यूनिट के साथ | पहली बार में पास हुए पीस ÷ शुरू किए पीस |
| क्या शामिल, क्या बाहर | क्या गिना जाएगा और क्या नहीं | Rework हुए पीस fail गिने जाएँगे; सेटअप का scrap बाहर |
| दायरा | लाइनें, प्रोडक्ट, शिफ़्ट | Line A, सभी पार्ट नंबर, सभी शिफ़्ट |
| डेटा का स्रोत | किस सिस्टम या रिकॉर्ड से नंबर आता है | MES में inspection log |
| ज़िम्मेदार और तैयार करने वाला | कौन जवाबदेह है; कौन हिसाब निकालता है | प्रोडक्शन मैनेजर; QC इंजीनियर |
| रिव्यू कितनी बार | रोज़, हफ़्ता या महीना, और कहाँ | रोज़ मॉर्निंग मीटिंग में |
| अभी का लेवल | पिछले कुछ महीनों का औसत और दायरा | 94.0% (दायरा 92.8–95.1%) |
| टारगेट और आख़िरी तारीख़ | वैल्यू और तारीख़ | वित्त वर्ष के अंत तक 96.0% |
| Control level और एक्शन | सामान्य दायरा; बाहर जाने पर कौन क्या करेगा | 93% से नीचे: लाइन लीडर उसी दिन defect रिव्यू खोलेगा |
| जोड़ी वाला KPI | वह नंबर जो टकरा सकता है | ग्राहक तक पहुँचा defect रेट (ppm) |
जापानी पक्ष से पूछने के सवाल
- टेम्पलेट के हर KPI का अंश और हर ठीक-ठीक क्या है? क्या कोई लिखी हुई परिभाषा है जिसे हम फ़ॉलो कर सकें?
- क्वालिटी के नंबरों में rework हुए पीस अच्छे गिने जाते हैं या नहीं?
- On-time delivery में "वादे की तारीख़" ग्राहक की माँगी तारीख़ है या कन्फ़र्म की हुई? ऑर्डर गिनते हैं या मात्रा?
- हमारी सेफ्टी रिपोर्ट में जापानी frequency rate (प्रति 10 लाख घंटे, 1+ दिन की छुट्टी वाली चोटें) लिखें, अपना लोकल रेट (जैसे IS 3786 वाला), या दोनों? Severity rate किस आधार पर चाहिए?
- Energy intensity के लिए कौन-सा denominator लें, और crude oil equivalent के लिए कौन-से conversion factor?
- किन KPI के टारगेट हेड ऑफ़िस तय करता है, और किन्हें प्लांट ख़ुद तय कर सकता है?
- कौन-से KPI का हेड ऑफ़िस महीने में रिव्यू करता है, और कौन-से सिर्फ़ प्लांट के अपने लिए हैं?
- अगले वित्त वर्ष का टारगेट तय करने का काम कब शुरू होता है, और अभी के लेवल का डेटा आपको कब तक चाहिए?
इस गाइड की सीमाएँ
यहाँ दिए KPI और फ़ॉर्मूले आम पैटर्न हैं, कोई ऐसा स्टैंडर्ड नहीं जिसे हर जापानी कंपनी मानती हो। सेफ्टी को छोड़कर, जहाँ परिभाषाएँ MHLW तय करता है, हर कंपनी और अक्सर हर प्लांट अपने KPI ख़ुद परिभाषित करता है, और चित्र 1 में नतीजे और आगे के संकेत वाला बँटवारा सिर्फ़ अंदाज़ा है। लागत का बँटवारा हर कंपनी के cost accounting नियमों के हिसाब से होता है।
जापान का Energy Conservation Act, greenhouse gas reporting योजना और MHLW का सर्वे जापान की कंपनियों और साइटों पर लागू होते हैं। भारत के प्लांट की कानूनी रिपोर्टिंग Factories Act 1948, OSH Code 2020 और दूसरे भारतीय नियमों से चलती है, और राज्यवार लागू होने की स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए अपने सेफ्टी या HR विभाग से पूछिए। जापानी फ़ॉर्मूला इन रिपोर्टों की जगह नहीं लेता। हमेशा अपनी कंपनी या ग्राहक के अपने टेम्पलेट की परिभाषा जाँचिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
QCDSE का मतलब क्या है?
QCDSE का मतलब है Quality (क्वालिटी), Cost (लागत), Delivery (डिलीवरी), Safety (सेफ्टी) और Environment (पर्यावरण)। जापानी प्लांट इन पाँच क्षेत्रों में अपने KPI रखते हैं, और आम तौर पर हर क्षेत्र में एक नतीजे वाला और एक आगे का संकेत देने वाला नंबर जोड़ते हैं, ताकि पूरा सेट एक पन्ने पर आ जाए।
Frequency rate और severity rate कैसे निकालते हैं?
जापान में frequency rate = काम के हादसों में मौत और चोट पाने वाले ÷ कुल असल काम के घंटे × 1,000,000, और severity rate = कुल गँवाए गए काम के दिन ÷ कुल असल काम के घंटे × 1,000। MHLW एक या ज़्यादा दिन की छुट्टी वाली चोटें गिनता है, और मौत के 7,500 दिन गिने जाते हैं।
क्या जापानी frequency rate और भारत का (IS 3786 वाला) रेट एक ही है?
नहीं, एक जैसे मान लेना ठीक नहीं। जापानी severity rate प्रति 1,000 घंटे है, जबकि जो स्रोत मैंने देखे उनके अनुसार IS 3786 में यह प्रति 10 लाख घंटे है। अपने रिपोर्ट के फ़ॉर्मेट की परिभाषा देखिए, और दोनों को अलग लिखिए या साफ़ लेबल लगाइए। OSHA का रेट (प्रति 200,000 घंटे) तीसरी अलग परिभाषा है।
Chokko-ritsu क्या है?
Chokko-ritsu (直行率) first pass yield है: वे पीस जो बिना rework के पहली बार में पास हुए, उनका हिस्सा। JIS इसे परिभाषित नहीं करता, इसलिए जिस कंपनी ने यह KPI तय किया है, उससे हर और rework वाले पीस के नियम की पुष्टि कर लीजिए।
OEE या defect रेट का अच्छा टारगेट कितना होता है?
ऐसी कोई एक वैल्यू नहीं है जो हर प्लांट पर फ़िट हो, क्योंकि परिभाषाएँ और प्रोडक्ट बहुत अलग हैं। अपने नापे हुए अभी के लेवल से शुरू करके, आख़िरी तारीख़ और मंज़िल के साथ टारगेट तय कीजिए। बाहर के नंबर तभी इस्तेमाल कीजिए जब उनका स्रोत, दायरा और हिसाब का तरीका पता हो।
स्रोत
- Frequency और severity rate, गँवाए दिनों के मान, उद्योग और साइज़ के हिसाब से 2025 के आँकड़े: MHLW, Overview of the 2025 Survey on Industrial Accidents (जापानी)
- प्रति 1,000 वर्कर सालाना रेट: MHLW Workplace Safety Site, "Frequency rate, severity rate, annual rate per 1,000 workers" (जापानी)
- भारत में चोटों के frequency और severity rate का तरीका: IS 3786:1983, Method for computation of frequency and severity rates for industrial injuries (BIS)
- OSHA total recordable incident rate: National Safety Council, "TRIR (Total Recordable Incident Rate)"
- Production management, material yield, lead time, availability, productivity: JIS Z 8141:2022 Glossary of terms used in production management, terms 1204, 1206, 1215, 1237, 1238 (जापानी)
- OEE और inventory turnover: JIS Z 8141:2022, term 6501 (जापानी); term 7303 (जापानी)
- ISO 22400 के KPI: C. Johnsson and A. Kirsch, "White Paper: Introducing the ISO 22400 standard"; ISO, "ISO 22400-2:2014" (status और amendment)
- PQCDSME के नतीजे वाले नंबर: Japan Institute of Plant Maintenance, TPM results data (जापानी)
- Labor productivity: Japan Productivity Center, "What Is Productivity?" (जापानी)
- लागत का बँटवारा और cost variance: Cost Accounting Standards (Business Accounting Council, 1962), sections 8 और 44 (जापानी)
- Energy Conservation Act और energy intensity: Agency for Natural Resources and Energy, overview of the Energy Conservation Act (जापानी); business operator categories and obligations (जापानी); SME Support Japan J-Net21, energy intensity and energy saving (जापानी)
- GHG reporting योजना: Ministry of the Environment, Mandatory GHG Accounting and Reporting System overview (जापानी)
- टारगेट, एक्शन, control item और control level: JIS Q 9023:2018 Guidelines for hoshin kanri (policy management) (जापानी)
मूल जापानी लेखयह गाइड जापान के पाठकों के लिए लिखे गए MONOSCOPE के एक लेख पर आधारित है: 工場のKPI一覧|QCDSE別の指標・計算式と目標設定の考え方


